नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई तरुण खटीक की नृशंस हत्या ने पूरे क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग लगातार आवाज उठा रहे हैं।
शनिवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान तरुण खटीक के परिजनों ने घटना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं और इलाके में चल रही कथित अवैध गतिविधियों पर गंभीर आरोप लगाए।
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मामूली विवाद से शुरू हुई घटना, भीड़ ने किया हमला
परिजनों के मुताबिक, इस घटना की शुरुआत एक मामूली विवाद से हुई। बताया गया कि होली के दिन एक 11 वर्षीय बच्ची खेल-खेल में छत से गुब्बारा फेंक रही थी, जो नीचे से गुजर रही एक बुर्का पहने महिला को लग गया।
आरोप है कि इसके बाद महिला ने बच्ची के साथ अभद्र व्यवहार किया। परिजनों का कहना है कि माफी मांगने के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ।
परिवार का आरोप है कि इसके बाद करीब 30 से 40 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और उन्होंने तरुण खटीक को सड़क पर घेरकर लाठी, डंडों, तलवारों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में तरुण की मौके पर ही मौत हो गई।
पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में मॉब लिंचिंग की घटनाएं भी चर्चा का विषय रही हैं।
इलाके में अवैध गतिविधियों को लेकर भी लगाए आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान परिजनों ने दावा किया कि घटना वाले इलाके में लंबे समय से कुछ अवैध गतिविधियां चल रही थीं, जिनका तरुण का परिवार विरोध करता था।
अवैध कारोबार का आरोप
परिवार के अनुसार, इलाके में बिना लाइसेंस के खतरनाक केमिकल से डाइंग मटेरियल बनाने और अवैध मांस के कारोबार का काम चल रहा था। तरुण और उनका परिवार इन गतिविधियों का विरोध कर रहे थे, जिसके कारण कुछ असामाजिक तत्व उनसे नाराज थे।
‘मदीना मस्जिद’ को लेकर विवाद
परिजनों ने यह भी बताया कि घटना स्थल के पास स्थित मदीना मस्जिद टिकोना पार्क को लेकर पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं।
परिवार का दावा है कि दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका (WP Civil 12502/2025) में इसे अवैध निर्माण बताया गया था। आरोप लगाया गया कि इस परिसर का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
जांच को लेकर उठाए गए कई महत्वपूर्ण सवाल
प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान तरुण खटीक के परिवार ने जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए।
हथियारों की बरामदगी पर सवाल
परिजनों का कहना है कि हमले में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और तलवारें अभी तक पुलिस द्वारा बरामद नहीं की गई हैं।
सीसीटीवी फुटेज जब्त करने की मांग
परिवार ने मांग की कि मदीना मस्जिद और नांगलोई की जामा मस्जिद के सीसीटीवी फुटेज और DVR को तुरंत जब्त किया जाए। उनका कहना है कि आरोपियों के वहां शरण लेने की आशंका है।
सुनियोजित साजिश का आरोप
परिवार का दावा है कि इस हमले में शामिल कुछ लोगों का संबंध इलाके में चल रहे अवैध कारोबार और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से हो सकता है।
सरकार और प्रशासन से की गई मुख्य मांगें
तरुण खटीक के परिवार ने न्याय की मांग करते हुए सरकार और प्रशासन के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं।
- इस पूरे मामले की जांच SIT, क्राइम ब्रांच या CBI को सौंपी जाए।
- मामले में निष्पक्ष पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति की जाए।
- इलाके में चल रहे अवैध अतिक्रमण और रसायनों के कारखानों को तुरंत सील किया जाए।
- दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा, फांसी या उम्रकैद दी जाए।
न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रेस क्लब में आयोजित इस प्रेस वार्ता में परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की अपील की।








