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ईरान-इज़राइल तनाव का असर: भारत में गहराया LPG संकट, होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

भारत में गहराया LPG संकट
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भारत में गहराया LPG संकट से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर बड़ा असर,गैस सप्लाई में 20% कटौती

नई दिल्ली / मुंबई / बेंगलुरु | 11 मार्च 2026

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर अब भारत की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते युद्ध संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। भारत में गहराया LPG संकट,इसका सीधा असर भारत में एलपीजी गैस की उपलब्धता पर पड़ रहा है। देश के कई हिस्सों में LPG सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट और उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत अपनी गैस जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सप्लाई बाधित होने से देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता घट गई है। इसके चलते घरेलू और कमर्शियल गैस दोनों की सप्लाई प्रभावित हुई है।

गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी परेशानी

भारत में गहराया LPG संकट के बीच गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। हाल ही में गैस के दामों में लगभग 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले ही महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए रसोई गैस और महंगी हो गई है।

घरेलू उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तरफ गैस महंगी हो रही है और दूसरी तरफ सिलेंडर की उपलब्धता कम हो रही है, जिससे लोगों की परेशानी दोगुनी हो गई है।

गैस बुकिंग के नियम हुए और सख्त

सरकार ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने और पैनिक बुकिंग पर नियंत्रण के लिए नए नियम भी लागू किए हैं। पहले उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के 21 दिन बाद अगला सिलेंडर बुक कर सकते थे।

लेकिन अब यह अवधि बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। यानी उपभोक्ता को नया सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा।

सरकार का तर्क है कि इससे सिलेंडरों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगेगी, लेकिन आम लोगों का कहना है कि जब पहले से ही सिलेंडर की कमी है, तब यह नियम उनकी परेशानी और बढ़ा सकता है।

होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भारी असर

LPG संकट का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ रहा है। कई बड़े शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बेहद सीमित हो गई है।

सूत्रों के अनुसार चेन्नई और बेंगलुरु में लगभग 90 से 95 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट्स को गैस सिलेंडर मिलना बंद हो गया है या बहुत कम मात्रा में मिल रहा है।

इस वजह से कई रेस्टोरेंट्स अपने किचन ऑपरेशन चलाने के लिए इंडक्शन चूल्हों और बिजली से चलने वाले आधुनिक उपकरणों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि इससे बिजली की खपत और लागत दोनों बढ़ गई हैं।

मुंबई में भी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। छोटे और मध्यम वर्ग के कई होटल आने वाले दिनों में बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।

छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर असर

LPG संकट का असर सिर्फ बड़े कारोबार तक सीमित नहीं है। इसका सबसे बड़ा असर छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर पड़ रहा है।

वड़ा पाव, इडली-डोसा, चाट और अन्य खाने-पीने की चीजें बेचने वाले हजारों छोटे विक्रेता पूरी तरह गैस सिलेंडर पर निर्भर होते हैं। गैस की कमी और महंगे दामों के कारण कई लोग अपना कारोबार बंद करने को मजबूर हो रहे हैं।

ब्लैक मार्केटिंग का बढ़ता खतरा

गैस सिलेंडर की कमी के बीच कई जगहों पर ब्लैक मार्केटिंग की खबरें भी सामने आ रही हैं। गुरुग्राम में सामने आए एक मामले के अनुसार कुछ निजी गैस एजेंसियां सिलेंडर की कीमतों को दोगुना कर चुकी हैं। जहां पहले गैस भरवाने का खर्च लगभग 100 रुपये प्रति किलो था, वहीं अब कुछ जगहों पर यह कीमत 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

इस तरह की गतिविधियों से आम लोगों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

लागू किया नया नियम

भारत में गहराया LPG संकट के कारण सरकार ने घरेलू ऊर्जा बाजार को सुरक्षित रखने के लिए ESSENTIAL COMMODITIES ACT भी लागू किया है। नए प्रावधान के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं अन्य सेक्टर को पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर सीमित आवंटन मिलेगा।

सरकार की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

भारत में गहराया LPG संकट, के बीच अब तक सरकार की ओर से कोई बड़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कई विशेषज्ञों और व्यापारिक संगठनों का कहना है कि सरकार को स्पष्ट रूप से यह बताना चाहिए कि देश के पास गैस और पेट्रोल का कितना भंडार मौजूद है और आपूर्ति सामान्य होने में कितना समय लग सकता है।

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव लंबे समय तक जारी रहा, तो पेट्रोल और अन्य ईंधनों की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है।

भारत में गहराया LPG संकट,निष्कर्ष

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान-इज़राइल के बीच तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो भारत में ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। इससे न सिर्फ गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित होगी बल्कि उद्योग, व्यापार और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

भारत में गहराया LPG संकट , फिलहाल देश के कई शहरों में लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार कर रहे हैं, जबकि व्यापारी और उद्योगपति इस संकट के जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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