दिल्ली में प्रदूषण से लड़ाई को मिला नया हथियार, राजधानी 10 हजार हीटर बांटेगी रेखा गुप्ता सरकार

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प्रतिभा सिंह 22/11/2025

मुख्यमंत्री ने बताया, उनका लक्ष्य है कि दिल्ली के किसी भी ब्लॉक या इलाके में चौकीदार या निवासी लकड़ी-कोयला न जलाएं। सभी आरडब्ल्यूए को जागरूक करेंगे और प्रेरित करेंगे कि उनके क्षेत्र में ऐसा न हो।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण कम करने के लिए नई पहल की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि लकड़ी-कोयला जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार आरडब्ल्यूए को सीएसआर सहयोग से 10 हजार इलेक्ट्रिक हीटर वितरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया, उनका लक्ष्य है कि दिल्ली के किसी भी ब्लॉक या इलाके में चौकीदार या निवासी लकड़ी-कोयला न जलाएं। सभी आरडब्ल्यूए को जागरूक करेंगे और प्रेरित करेंगे कि उनके क्षेत्र में ऐसा न हो। इलेक्ट्रिक हीटर देकर हम अपने चौकीदारों को ठंड से बचाने के साथ-साथ स्वच्छ विकल्प भी देना चाहते हैं।यह कदम सर्दियों में खुले में जलने वाली अलाव से निकलने वाले धुएं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सरकार को उम्मीद है कि इससे दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने शनिवार को पीतमपुरा दिल्ली हाट में रवा और सुरक्षा गार्डों को इलेक्ट्रिक हीटर बांटे।गंदगी और जहरीली हवा, मुख्यमंत्री का एमसीडी पर फूटा गुस्साएमसीडी को 15 दिन की चेतावनी, कहा- कागजी रिपोर्ट नहीं, जमीन पर दिखे काम

विनोद डबास
नई दिल्ली। प्रदूषण की काली चादर में लिपटी दिल्ली और खराब सफाई व्यवस्था पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को एमसीडी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। राजधानी की हालात पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि एमसीडी का कामकाज सुस्त, अव्यवस्थित और जनता के प्रति गैर-जिम्मेदार होता जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने व सभी मंत्रियों ने सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को अलग-अलग इलाकों में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि कूड़ा प्रबंधन बुरी तरह चरमरा चुका है। कई प्रमुख बाजारों, आवासीय कॉलोनियों, मुख्य सड़कों और नालों के पास कूड़े के ढेर खुले पड़े मिले।उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि दिल्ली की सफाई व्यवस्था कागजों पर चल रही है। जमीन पर काम कहीं दिखाई नहीं देता। दिल्ली में प्रदूषण रिकॉर्ड स्तर पर है और एमसीडी की ओर से प्रदूषण रोकने के लिए किए गए उपाय सिर्फ रिपोर्टों में दर्ज हैं जमीन पर इनका कोई असर नहीं है। धूल रोकने के लिए जारी निर्देश लागू नहीं हुए। सड़क किनारे धूल हटाने की मशीनें ज्यादातर निष्क्रिय हैं। हॉटस्पॉट इलाकों में कोई विशेष कार्रवाई नहीं दिख रही है। यदि एमसीडी की यही हालत रही तो प्रदूषण पर किसी सुधार की उम्मीद बेमानी है।
स्पष्ट व जमीनी सुधार दिखे


मुख्यमंत्री ने एमसीडी आयुक्त को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों में सफाई और प्रदूषण नियंत्रण पर स्पष्ट और जमीनी सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब बहानों का दौर खत्म हो चुका है और जनता को परिणाम चाहिए। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, महापौर राजा इकबाल सिंह, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही, मुख्य सचिव और एमसीडी के अधिकारी मौजूद रहे।दो पार्किंग चालू न होने पर लगाई फटकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मनाए गए पखवाड़े के दौरान ग्रेटर कैलाश और पंजाबी बाग में दो पार्किंग का उद्घाटन किया गया था लेकिन आज तक चालू नहीं हुईं। इस बारे में उनके पास सीधे पीएमओ से शिकायत आई है। इस दौरान आयुक्त ने सफाई दी कि पेड़ काटने की स्वीकृति नहीं मिलने के अलावा फायर विभाग से एनओसी अटकने के कारण पार्किंग चालू नहीं हो पाई है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सुविधा चालू करने की तैयारी पूरी नहीं थी तो उद्घाटन क्यों किया?

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