नई दिल्ली, 6 अगस्त
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी मनोज कुमार द्विवेदी को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। वे 1997 बैच के AGMUT कैडर के वरिष्ठ अधिकारी हैं और लंबे प्रशासनिक अनुभव के साथ अब देश की राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण शहरी निकायों में से एक की जिम्मेदारी संभालेंगे।नई दिल्ली नगरपालिका परिषद का क्षेत्र देश की प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता है। राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, केंद्रीय मंत्रालय, उच्चायोग, दूतावास, महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय और अनेक राष्ट्रीय संस्थान इसी क्षेत्र में स्थित हैं। ऐसे में NDMC के चेयरपर्सन का पद केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।अनुभवी प्रशासक के हाथों में नई जिम्मेदारीमनोज कुमार द्विवेदी अपने प्रशासनिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसके अलावा वे भारत सरकार में भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। हाल ही में वे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत थे। अब उन्हें राजधानी की शहरी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।NDMC के सामने क्या होंगी प्रमुख चुनौतियां?नई नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राजधानी में नागरिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने, स्वच्छता, हरित विकास, डिजिटल सेवाओं, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और सार्वजनिक सुविधाओं के बेहतर संचालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि नए चेयरपर्सन के सामने कई महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं होंगी, जिनमें शामिल हैं—* नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना।* पार्कों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों का बेहतर रखरखाव।* स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को गति देना।* डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करना।* पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र का विस्तार।* नागरिक शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था को और प्रभावी बनाना।* राजधानी की अंतरराष्ट्रीय छवि के अनुरूप शहरी सुविधाओं का विकास।क्यों महत्वपूर्ण है NDMC?दिल्ली में स्थानीय प्रशासन तीन प्रमुख निकायों के माध्यम से संचालित होता है, जिनमें NDMC का क्षेत्र सबसे संवेदनशील और प्रतिष्ठित माना जाता है। यह परिषद लगभग 43 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं का संचालन करती है, जहां देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान और अनेक विदेशी दूतावास स्थित हैं। इसलिए यहां स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, बिजली, जलापूर्ति, उद्यान, सड़कें और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता राष्ट्रीय महत्व का विषय होती है।प्रशासनिक अनुभव से बढ़ी अपेक्षाएंमनोज कुमार द्विवेदी की नियुक्ति को प्रशासनिक अनुभव और कुशल नेतृत्व के आधार पर एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। विभिन्न विभागों में उनके अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि NDMC के कार्यों में दक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता को और मजबूती मिलेगी।नई दिल्ली जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में यह नियुक्ति आने वाले समय में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नए चेयरपर्सन राजधानी की शहरी व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, स्वच्छ, सुरक्षित तथा नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए किस प्रकार की नई पहल करते हैं।









