पंजाब के किसानों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नहरी पानी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के करीब 80 फीसदी खेतों तक नहरी पानी की सीधी पहुंच सुनिश्चित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य जल्द ही इसे 100 फीसदी खेतों तक पहुंचाना है।
किसानों को नहरी पानी उपलब्ध कराना प्राथमिकता
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार की प्राथमिकताओं में किसान और राज्य के लोग सबसे ऊपर हैं। किसानों को सिंचाई के लिए भरोसेमंद पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उनके मुताबिक, नहरों के जरिए खेतों तक पानी पहुंचने से किसानों की सिंचाई संबंधी दिक्कतें कम करने में मदद मिलेगी।
14 हजार किलोमीटर का पाइपलाइन नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने करीब 14,000 किलोमीटर लंबा नहर-पानी पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया है। इसके जरिए नहरी पानी को ज्यादा से ज्यादा खेतों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। पंजाब के जल संसाधन विभाग की ओर से सितंबर 2026 में भी अलग-अलग इलाकों में भूमिगत पाइपलाइन और नहर से जुड़े कामों के लिए निविदाएं जारी की गई हैं।
बंद नहरों को फिर से किया जा रहा चालू
सरकार के मुताबिक, किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए नई नहरें बनाई जा रही हैं और बंद पड़ी नहरों को दोबारा चालू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य खेतों तक नहरी पानी की पहुंच बढ़ाने के साथ भूजल पर निर्भरता को कम करना भी है।
हर खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य
भगवंत मान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाना है। फिलहाल 80 फीसदी खेतों तक पानी पहुंचने का दावा किया गया है और इसे 100 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को सिंचाई के लिए अधिक भरोसेमंद विकल्प मिल सकेगा।
गांवों के विकास के लिए पंचायतों को चेक
मुख्यमंत्री ने गांवों के विकास को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने छह पंचायतों को 20-20 लाख रुपये के चेक सौंपे। सरकार के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए इस तरह की सहायता जारी रखी जा रही है।
नशे के खिलाफ कार्रवाई पर भी जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों के साथ-साथ युवाओं को नशे से दूर रखने को भी सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है और सरकार इस दिशा में आगे भी काम जारी रखेगी। पंजाब सरकार का कहना है कि नहरी पानी की पहुंच बढ़ने से किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक और अधिक भरोसेमंद स्रोत मिलेगा। साथ ही, भूजल पर निर्भरता कम करने और जल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी इसे अहम कदम माना जा रहा है।









