नई दिल्ली। चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसद कनॉट प्लेस से बसों के जरिए राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी की समाधि स्थल पर शांतिपूर्ण धरना दिया। करीब एक घंटे के प्रदर्शन के बाद सभी नेता राजघाट से रवाना हो गए।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को पिछले दो दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
तीन दिनों से जारी है टकराव
इससे पहले 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया था, जहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। 7 अक्टूबर को जंतर-मंतर जाने की कोशिश के दौरान भी पुलिस के साथ टकराव हुआ और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है।
कल राष्ट्रपति से मुलाकात की तैयारी
राजघाट से लौटने के बाद विपक्ष की अगली रणनीति पर नजर है। INDIA ब्लॉक के नेताओं की शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी प्रस्तावित है। विपक्ष की ओर से 15 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल की मांग की गई थी, जबकि राष्ट्रपति भवन ने 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को मिलने की अनुमति दी है। ऐसे में शुक्रवार को विपक्ष एक बार फिर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ ‘हल्लाबोल’ के अंदाज में अपनी आवाज बुलंद कर सकता है।









