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CM सैनी ने चंडीगढ़ में HPPC और HPWPC की बैठक में विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी

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चंडीगढ़ में HPPC और HPWPC की बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर फैसला, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर दिया जोर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हाई पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) और हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के खरीद और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन कार्यों का उद्देश्य प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना और जनसेवाओं में सुधार करना है।

बिजली व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर जोर

बैठक में बिजली वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें 11 केवी फीडरों का उन्नयन और आधुनिकीकरण, नए सब-स्टेशनों का निर्माण तथा SCADA और DMS/OMS जैसी आधुनिक तकनीकों को लागू करने से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

सड़क, जलापूर्ति और सीवरेज के कार्यों को मंजूरी

परिवहन, शहरी विकास, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, लोक निर्माण और सिंचाई एवं जल संसाधन सहित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इनमें जलापूर्ति और सीवरेज सुविधाओं में सुधार, वर्षा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने, सड़कों के सुधार, शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण और भंडारण क्षमता बढ़ाने से जुड़े कार्य शामिल हैं।

NCR जिलों में वायु गुणवत्ता पर नजर

पर्यावरण संरक्षण के लिए हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आने वाले जिलों में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे संबंधित क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का पालन करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खरीद और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता के साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए। सरकारी धन का इस्तेमाल जनहित को प्राथमिकता देते हुए किया जाना चाहिए और काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

बैठक में ये मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में परिवहन मंत्री अनिल विज, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल और मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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