पंजाब की राजनीति में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के लिए विधानसभा का सत्र अहम माना जा रहा है। 22 से 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस सत्र में बेअदबी कानून में संशोधन और राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है।
22 अक्टूबर से शुरू हुआ विधानसभा सत्र
पंजाब विधानसभा का सत्र 22 अक्टूबर को शुरू हुआ। इस सत्र में विधायी कामकाज के साथ राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा होनी है। सरकार के लिए यह सत्र अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने का अवसर है, वहीं विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
बेअदबी कानून को लेकर बढ़ी सियासी हलचल
बेअदबी से जुड़े कानून में संशोधन का मुद्दा चर्चा में है। कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने 22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने 2018 के पंजाब एंटी-सैक्रिलेज बिल से जुड़े मामले में सदन को गुमराह किया। हालांकि, यह परगट सिंह का आरोप है और इसे स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
झोटा हत्याकांड का मुद्दा भी अहम
नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला भी पंजाब की राजनीति में चर्चा का विषय है। मुख्यमंत्री भगवंत मान इस मामले की जांच CBI को सौंपने की घोषणा कर चुके हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार से जवाब मांग सकता है।
27 अक्टूबर को फिर शुरू होगी कार्यवाही
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 अक्टूबर को राजपत्रित अवकाश है। ऐसे में विधानसभा की नियमित कार्यवाही 27 अक्टूबर को आगे बढ़ने की उम्मीद है। बेअदबी कानून और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर सदन में होने वाली चर्चा पर सबकी नजर रहेगी।









