कैंसर मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 543 एंटी-कैंसर दवा ब्रांडों की संशोधित अधिकतम खुदरा कीमतें (MRP) जारी की हैं। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। सरकार के अनुसार, 27 अक्टूबर तक दवा कंपनियों से मिली जानकारी के आधार पर यह सूची तैयार की गई है और इसे आगे भी अपडेट किया जाएगा।
कई दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती
जारी आंकड़ों के मुताबिक, 543 दवा ब्रांडों में से 397 की कीमतें घटाई गई हैं, जबकि 146 की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है। कुछ दवाओं के दाम में 90 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
उदाहरण के तौर पर:
- सैमटेपा इंजेक्शन की कीमत करीब ₹80,071.86 से घटकर ₹7,150.33 हो गई है।
- पैल्बोप्रो 125 मिलीग्राम कैप्सूल के 21 कैप्सूल वाले पैक की कीमत करीब ₹40,421.33 से घटकर ₹2,720 हो गई है।
ये कीमतें संबंधित ब्रांड और पैक के लिए संशोधित MRP हैं। अलग-अलग दवाओं की कीमतों में कटौती उनकी ब्रांड, मात्रा और पैक के अनुसार अलग हो सकती है।
137 एंटी-कैंसर दवाओं के ट्रेड मार्जिन पर नियंत्रण
यह कदम NPPA के 17 अक्टूबर 2026 के फैसले के बाद आया है। इसके तहत 137 गैर-अनुसूचित एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को अधिकतम खुदरा कीमत के 30 प्रतिशत तक सीमित किया गया। सरकार का उद्देश्य दवाओं की कीमतों में अत्यधिक अंतर को नियंत्रित करना, इलाज का खर्च कम करना और मरीजों की दवाओं तक पहुंच बेहतर बनाना है।
कुछ महंगी दवाओं की कीमतों में बदलाव नहीं
कीमतों में संशोधन के बावजूद कुछ महंगी कैंसर दवाओं की MRP में बदलाव नहीं हुआ है। इनमें कीट्रूडा (Keytruda) और टैग्रिसो (Tagrisso) जैसी दवाएं शामिल बताई गई हैं। इसलिए सभी कैंसर दवाओं के सस्ते होने का अर्थ नहीं है; वास्तविक राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि मरीज कौन-सी दवा और किस ब्रांड का इस्तेमाल कर रहा है।
दवाओं की कीमतों पर नजर रखता है NPPA
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण दवाओं की कीमतों की निगरानी करता है। ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO), 2013 के तहत आवश्यक दवाओं की कीमतों पर नियमन किया जाता है, जबकि गैर-अनुसूचित दवाओं पर भी निर्धारित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मरीज और उनके परिजन अपनी निर्धारित दवा की नई MRP की पुष्टि NPPA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूची से कर सकते हैं।









