देहरादून। भाजपा की प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत भरद्वाज ने उत्तराखंड कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर महिलाओं को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए इसे कांग्रेस की ओछी और महिला विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की पदयात्रा की तुलना बंदरों के वीडियो से करना देवभूमि की मातृशक्ति का अपमान है। विरोध के बाद पोस्ट हटाना कांग्रेस की जिम्मेदारी खत्म नहीं करता। कांग्रेस को प्रदेश की महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
रावत भरद्वाज ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान वीरांगना तीलू रौतेली, गौरा देवी और बिश्नी देवी शाह जैसी साहसी महिलाओं से है। राज्य आंदोलन से लेकर खेती-किसानी, पर्यावरण संरक्षण और खेल जगत तक, यहां की महिलाओं ने अपने परिश्रम, साहस और स्वाभिमान से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। ऐसी मातृशक्ति के प्रति कांग्रेस की अपमानजनक टिप्पणी उसकी संकीर्ण सोच को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ओर महिला सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसके आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर महिलाओं के प्रति ऐसी भाषा का इस्तेमाल उसके दावों की पोल खोलता है। महिला सम्मान पर उपदेश देने से पहले कांग्रेस को अपने आचरण में सुधार करना चाहिए।
चकराता ऑडियो प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियों पर कथित राजनीतिक दबाव, गाली-गलौज और धमकी से जुड़े आरोप गंभीर हैं। प्रीतम सिंह को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए तथा प्रकरण की निष्पक्ष जांच और शिकायतकर्ता परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
दीप्ति रावत भरद्वाज ने कहा कि भाजपा देवभूमि की मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि महिला सम्मान उसके लिए सिद्धांत है या केवल चुनावी दिखावा। देवभूमि की बेटियों का अपमान उत्तराखंड बर्दाश्त नहीं करेगा।








