कपिल शर्मा एक बार फिर अपनी सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘किस किसको प्यार करूं’ को लेकर पर्दे पर आ गए हैं। कहानी से लेकर अभिनय तक, क्या उम्मीद लगा सकते हैं इस फिल्म से, पढ़ें रिव्यू में।
Movie Review
किस किसको प्यार करूं 2
कलाकार
कपिल शर्मा , मनजोत सिंह , आयशा खान , त्रिधा चौधरी , पारुल गुलाटी , हीरा वरीना और सुशांत सिंह
लेखक
अनुकल्प गोस्वामी
निर्देशक
अनुकल्प गोस्वामी
निर्माता
अब्बास-मस्तान , गणेश जैन और रतन जैन
12 दिसंबर 2025
रिलीज
रेटिंग
सोचिए अगर एक ही आदमी मोहन, महमूद, माइकल और मंजीत चार किरदार निभाए, चार धर्मों में अलग-अलग बीवियां रखे तो उसका हश्र क्या होगा? बस इतनी कहानी है फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं 2’ की। यहां जानिए कैसी है यह फिल्म?फिल्म की शुरुआत होती है भाेपाल शहर के रहने वाले मोहन शर्मा (कपिल शर्मा) से जो सानिया (वरीना) से बेहद प्यार करता है। सानिया से शादी करने के चक्कर में मोहन के सामने ऐसी-ऐसी सिचुएशन आती है कि उसे रूही (आयशा खान), मीरा (त्रिधा चौधरी) और जेनी (पारुल गुलाटी) से भी शादी करनी पड़ जाती है। अब अंत में मोहन अपना असली प्यार कैसे पाता है? यह आपको फिल्म देखकर पता चलेगा।कैसा है अभिनय ?
कपिल शर्मा कॉमेडी तो कर सकते हैं पर एक्टिंग में सिर्फ कॉमेडी नहीं करनी होती यह उन्हें समझना होगा। हालांकि, उनका काम पहले से बेहतर है पर रोमांटिक गानों और इमोशनल सीन में वो फीके लगते हैं। चार हीरोइन वाली इस फिल्म में आयशा और त्रिधा का काम अच्छा है। पारुल कहीं-कहीं फीकी रहीं। वरीना के तो एक्सप्रेश पूरी फिल्म में गायब ही रहे। मनजोत ने इस फिल्म को बखूबी संभाला है। अखिलेंद्र मिश्रा और विपिन शर्मा जैसे मंझे हुए कलाकार इस फिल्म के संभालते हैं। सुशांत का रोल छोटा है पर उनका काम ठीक है। असरानी के कुल चार सीन हैं और उन्हें देखकर अच्छा लगता है। पूरी फिल्म में जैमी लीवर की ओवरएक्टिंग और एक ही टोन इरिटेट करती है।कैसा है म्यूजिक?

हनी सिंह का एक गाना ठीक-ठाक है। फिल्म की ओपनिंग में ही एक रोमांटिक ट्रैक आपको बोर कर देता है। त्रिधा और कपिल के बीच शूट हुआ एक गाना जबरदस्ती फिल्माया गया है। बैकग्राउंड म्यूजिक सिचुएशन के हिसाब से ठीक है। क्या बेहतर ?
फिल्म में कपिल शर्मा, मनजोत सिंह, विपिन शर्मा, अखलेंद्र मिश्रा जैसे कलाकार आपको हंसाते हैं। कुछ पंच और कुछ सीन अच्छे बन पड़े हैं। कपिल की कॉमिक टाइमिंग और उनके पंच आपको बार-बार हंसाते हैं। एक गाना छोड़ दें तो परिवार के साथ इस फिल्म के देख सकते है। फिल्म के लास्ट सीन में आपके लिए एक सरप्राइज है, जो अच्छा है।कहां हुई चूक ?
लॉजिक… यह इस फिल्म में आपको नहीं मिलेगा और इसे ढूंढने की गलती आप करना भी मत। वजह साफ है.. कॉमेडी फिल्म बनाते वक्त मेकर्स ने सिर्फ मजाकिया सिचुएशन पैदा करने पर ध्यान दिया न कि कहानी पर। सच कहें तो पूरी की पूरी कहानी का ही लॉजिक से कोई वास्ता नहीं है पर सिचुएशन के हिसाब से काॅमेडी सीन अच्छे बने हैं। दूसरी कमी हैं वरीना, उनके एक्सप्रेशन पूरी फिल्म में गायब रहे हैं। क्लाइमैक्स बेहतर हो सकता था।
देखें या नहीं ?
परिवार के साथ फिल्म देखने का मन है तो वीकेंड पर एक बार देख सकते हैं। नहीं भी देखेंगे तो कुछ मिस नहीं करेंगे। पर अगर देखने जा रहे हैं तो दिमाग घर पर ही छोड़कर जाइयेगा।










