
नई दिल्ली:
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने कहा है कि वर्ष 2013 के बाद से भारत में कोई बड़ा आतंकवादी हमला नहीं हुआ है, जो देश की मजबूत और सुसंगठित सुरक्षा नीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक रुख अपनाया है और आंतरिक सुरक्षा को लेकर व्यापक सुधार किए हैं।
डोभाल ने बताया कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ केवल रक्षा नहीं, बल्कि प्रतिकारात्मक नीति अपनाई है, जिसके चलते आतंकी नेटवर्क और उनके सपोर्ट सिस्टम को कमजोर किया गया है। उन्होंने कहा,
“हमारी नीति स्पष्ट है — आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत की सुरक्षा एजेंसियां हर स्तर पर सतर्क हैं और हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।”
NSA डोभाल ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर लंबे समय से पाकिस्तान द्वारा प्रेरित ‘प्रॉक्सी वॉर’ (अप्रत्यक्ष युद्ध) का क्षेत्र बना हुआ है। पाकिस्तान ने वर्षों से आतंकियों को समर्थन देकर भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने इस चुनौती का मजबूती से मुकाबला किया है और स्थानीय जनता के सहयोग से हालात में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
डोभाल ने कहा कश्मीर में अब आतंकवाद के प्रति जनता का रवैया बदल रहा है। लोग शांति और विकास चाहते हैं, और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है,
अजीत डोभाल ने बताया कि 2013 के बाद से देश में कोई बड़ा आतंकी हमला न होना यह साबित करता है कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया नेटवर्क अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है।
उन्होंने कहा कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ में भी उल्लेखनीय कमी आई है, और भारत की काउंटर-टेररिज्म स्ट्रैटेजी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही जा रही है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत आतंकवाद को लेकर किसी भी नरमी के पक्ष में नहीं है और सुरक्षा बलों को खुली छूट दी गई है कि वे देश की एकता और अखंडता को खतरा पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को सख्ती से कुचलें।






