Varsha Chamoli

नई दिल्ली, अक्टूबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई रैलिया की और उन रैली से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर तीखा हमला बोला है। शाह ने बिहार के कई जिलों में आयोजित रैलियों में लालू-राबड़ी के शासन को ‘जंगल राज’ करार देते हुए चेताया कि अगर महागठबंधन सत्ता में आया, तो बिहार फिर से अशांति और अपराध की ओर लौट सकता है।
शाह ने जंगल राज’ का डर दिखाते हुए खगड़िया रैली में कहा, “यह चुनाव बिहार के भविष्य का फैसला करेगा। लालू-राबड़ी का राज लौटा, तो बिहार फिर से जंगल राज की चपेट में होगा। NDA सत्ता में आई, तो बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छूएगा।” उन्होंने NDA के शासन में बिहार में नक्सलवाद पर काबू और कानून-व्यवस्था में सुधार का दावा किया। शाह ने चुनावी चरणों पर तंज कसते हुवे नालंदा रैली में लालू-राबड़ी के दौर की अस्थिरता को याद दिलाया, जब बिहार में चुनाव छह चरणों में होते थे। उन्होंने कहा, “NDA ने इसे दो चरणों तक लाया। अगली बार एक ही चरण में होगा।” यह बयान NDA के सुशासन के दावे को मजबूत करता है।सिवान की रैली में शहाबुद्दीन का जिक्र करते हुवे शाह ने RJD पर अपराधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “लालू ने शहाबुद्दीन जैसे लोगों को संरक्षण दिया। अब उनके बेटे को टिकट देकर फिर वही जंगल राज लाने की कोशिश हो रही है। NDA इसे कभी नहीं होने देगी।” शाह ने 14 नवंबर को ‘असली दीवाली’ मनाने की बात कही, जब NDA की जीत होगी।मुंगेर में शाह ने परिवारवाद पर लालू को घेरते हुवे परिवारवाद और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “लालू-राबड़ी ने बिहार को लूटा। उनके बेटे मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं, बेटी सांसद है, और पत्नी विधान परिषद में। NDA ने बिहार को विकास का रास्ता दिखाया।”
शाह ने NDA को ‘पांच पांडवों’ की तरह एकजुट बताया, जिसमें BJP, JD(U), HAM, LJP(RV) और अन्य शामिल हैं। उन्होंने घुसपैठ पर सख्ती का वादा किया और RJD पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया।
वहीं दूसरी तरफ़ महागठबंधन का पलटवार आया RJD और कांग्रेस ने शाह के बयानों को खारिज किया। अमित शाह की रैलियों के ठीक बाद खगड़िया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा, “नीतीश चाचा की उम्र हो गई है। वे अब सरकार चलाने लायक नहीं रह गए हैं। बीजेपी ने उन्हें हाईजैक कर लिया है और वही असल में बिहार चला रही है। जहां शाह ने NDA के सुशासन का दावा किया था। तेजस्वी ने जोर देकर कहा कि नीतीश की सरकार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है, जबकि NDA इसे छिपाने के लिए पुरानी कहानियां सुना रही है।तेजस्वी यादव ने बिहार के युवाओं के लिए रोजगार और प्रवासन रोकने का वादा किया। लालू परिवार ने परिवारवाद के आरोपों को ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया।
चुनावी तारीखें और समीकरण
243 सीटों वाले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरा 11 नवंबर को होगा। NDA (BJP और JD(U) को 101-101 सीटें) और महागठबंधन में कड़ा मुकाबला है। सीमांचल और मिथिला में AIMIM जैसे तीसरे दल प्रभाव डाल सकते हैं। ओपिनियन पोल्स में NDA को बढ़त दिख रही है, लेकिन मुकाबला कांटे का है।
रणनीति और प्रभाव
शाह की रैलियां NDA के लिए जबरदस्त भीड़ जुटा रही हैं, जो गठबंधन के आत्मविश्वास को दर्शाता है। ‘जंगल राज’ का मुद्दा उठाकर BJP पुराने दौर की अराजकता को याद दिलाकर मतदाताओं को लामबंद करने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, RJD विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जोर दे रहा है।






