प्रतिभा सिंह नई दिल्ली 2026:
CBSE Exam Fairness को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कोर्ट में PIL दायर करने की तैयारी की जा रही है।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा पर नई खबरे — प्रशांत किराड ने क्या कहा?
नई दिल्ली, 25 फ़रवरी 2026 — केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 2026 की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसके तहत एक जनहित याचिका (PIL) दायर होने की तैयारी है, जिसका नेतृत्व लोकप्रिय शिक्षक और एजुकेटर प्रशांत किराड (Prashant Kirad) कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
• प्रशांत किराड ने आरोप लगाया है कि CBSE द्वारा तैयार किए गए प्रश्नपत्रों में कई “सेट” (sets) थे जिनकी कठिनाई का स्तर अलग-अलग था, जिससे कुछ छात्रों को आसान और कुछ को बहुत कठिन पेपर्स मिले। इस असमानता को उन्होंने Academic discrimination बताया है।
• किराड ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा है कि वे CBSE के खिलाफ पीआईएल दायर करेंगे, जिसमें बोर्ड से जवाब मांगेंगे कि कठिन पेपर्स वाले छात्रों को ग्रेश मार्क्स दिए जाएँ या मूल्यांकन में नरमी बरती जाये ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
शिक्षा विशेषज्ञों की क्या है राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों के सभी सेट का कठिनाई स्तर संतुलित होना बेहद आवश्यक होता है। यदि किसी भी स्तर पर असंतुलन होता है तो यह परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े कर सकता है। विशेषज्ञों ने CBSE से मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की है।
कोर्ट में PIL की तैयारी क्यों
मामले को लेकर कुछ शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ किसी प्रकार की असमानता न हो।
CBSE की संभावित प्रतिक्रिया
हालांकि बोर्ड की ओर से आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार CBSE पूरे मामले की समीक्षा कर सकता है। यदि आवश्यक हुआ तो मूल्यांकन प्रक्रिया या परीक्षा पैटर्न में सुधार के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
विवाद का कारण
CBSE सालों से बोर्ड परीक्षाओं में कई सेट बनाता है ताकि पेपर लीकिंग जैसी समस्या न हो। लेकिन इस बार छात्रों और अभिभावकों के मुताबिक, इन सेटों की कठिनाई स्तर में बड़ा अंतर देखा गया है, जिससे कई छात्र असंतुष्ट हैं।
प्रतिक्रिया और आगे क्या?
• कई छात्रों और माता-पिता ने ऑनलाइन पेन्शन और समर्थन भी किया है, जिससे बोर्ड पर और अधिक दबाव बढ़ रहा है।
• अभी तक CBSE की तरफ से इस सवाल पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बोर्ड ने पहले भी परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा पर जोर दिया है।









