नई दिल्ली | 12 December 2025
By: Varsha Chamoli
दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने गुरुवार को प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए राजधानी के मौजूदा 11 जिलों को बढ़ाकर 13 जिले करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना के पास भेजा जाएगा।
सरकार का कहना है कि नए जिले एमसीडी के 12 जोन, एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के इलाकों के साथ पूरी तरह मैच करेंगे। इससे आम लोगों को अपने क्षेत्र के कार्यालयों की पहचान में आसानी होगी और विभागों के बीच तालमेल भी सुधरेगा।
एसडीएम ऑफिसों की संख्या 33 से बढ़कर 39
नए जिलों के गठन के बाद राजधानी में एसडीएम कार्यालय 33 से बढ़कर 39 हो जाएंगे। हर जिले में एक मिनी सेक्रेटेरिएट स्थापित किया जाएगा, जहां अधिकतर सरकारी सेवाएं एक ही जगह मिल जाएंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले ही इसका संकेत दे चुकी थीं।
नए जिलों की व्यवस्था कैसे बदलेगी
अब जिले एमसीडी जोन के नाम और सीमाओं के अनुसार तैयार किए जाएंगे:
• सदर जोन को पुरानी दिल्ली जिला नाम दिया जाएगा।
• मौजूदा ईस्ट और नॉर्थ-ईस्ट जिले खत्म होंगे और उनकी जगह शाहदरा नॉर्थ व शाहदरा साउथ बनाए जाएंगे।
• बड़ा नॉर्थ जिला दो हिस्सों—सिविल लाइंस और पुरानी दिल्ली—में बाँटा जाएगा।
• साउथ-वेस्ट जिले के बड़े हिस्से से नया जिला नजफगढ़ बनेगा।
• एनडीएमसी और कैंटोनमेंट को मिलाकर न्यू दिल्ली जिला का हिस्सा बनाया जाएगा।
लोगों को क्या फायदा होगा
सरकार का दावा है कि इस बदलाव से—
• नागरिकों को कई दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
• भीड़ कम होगी
• काम तेजी से होगा
• पारदर्शिता बढ़ेगी
भाजपा सरकार का मानना है कि यह कदम विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा। LG की मंजूरी मिलते ही दिल्ली का नया प्रशासनिक नक्शा लागू कर दिया जाएगा।









