विक्टोरिया: भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सेशेल्स की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। यात्रा के पहले दिन, उन्होंने सेशेल्स में बसे प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया और भारत-सेशेल्स के बीच गहरे सांस्कृतिक व ऐतिहासिक रिश्तों की सराहना की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति ने प्रवासी भारतीयों की भूमिका को रेखांकित करते हुए दोनों देशों के बीच समय-परीक्षित संबंधों पर प्रकाश डाला।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सेशेल्स के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की ‘सागर विजन’ और ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति को दोहराते हुए सेशेल्स के साथ सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। जायसवाल ने एक्स पर साझा किया कि उपराष्ट्रपति ने भारत की ओर से शुभकामनाएं दीं और नई सरकार के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त करने का संकल्प लिया।
27 अक्टूबर को स्टेट हाउस में उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रपति हर्मिनी से मुलाकात की और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इस दौरान दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, उपराष्ट्रपति ने सेशेल्स के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले से भी मुलाकात की, जहां साझा संस्कृति और जन-जन के रिश्तों पर आधारित भारत-सेशेल्स साझेदारी को और गहरा करने पर जोर दिया गया।
कैप्शन: भारत-सेशेल्स की दोस्ती को नया आयाम: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की सेशेल्स यात्रा से रिश्तों में नई गर्मजोशी!







