दिल्ली/06 December 2025
Varsha Chamoli

GSST/ डेस्क: लगातार कैंसिलेशन और लंबे डिले ने यात्रियों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। एयरलाइन पहले ही मान चुकी है कि तकनीकी दिक्कतों और स्टाफ की कमी की वजह से उसका नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इस स्थिति को देखते हुए सरकार और डीजीसीए को दखल देना पड़ा। डीजीसीए ने फिलहाल नई FDTL पॉलिसी को रोक दिया है, ताकि क्रू उपलब्धता बढ़ सके और उड़ानें पटरी पर लौटें। साथ ही सभी एयरलाइनों—खासतौर पर इंडिगो—को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे हर यात्री को समय पर सही अपडेट दें, रद्द उड़ानों का ऑटो-रिफंड करें और एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों के लिए होटल, भोजन और विशेष सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उधर, बढ़ते हंगामे के बीच नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने हालात का खुद जायजा लिया। उन्होंने साफ कहा कि हालात सामान्य होने के बाद इंडिगो पर कार्रवाई तय है। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह भी मामले की जानकारी ले चुके हैं।
इंडिगो की सफाई और मान्यता
दबाव बढ़ने पर इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स सामने आए और माफी मांगते हुए कहा कि 5 दिसंबर को ही 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। उन्होंने स्वीकार किया कि ऑपरेशनल चेन में एक साथ कई तकनीकी और स्टाफिंग चुनौतियाँ आने से स्थिति बिगड़ी। एयरलाइन का कहना है कि सब कुछ सामान्य होने में थोड़ा समय लग सकता है।
सरकार का त्वरित एक्शन
• FDTL पॉलिसी अस्थायी रूप से होल्ड
• सभी यात्रियों को वास्तविक समय में जानकारी देना अनिवार्य
• रद्द उड़ानों का स्वतः रिफंड
• फंसे यात्रियों—विशेषकर बुजुर्गों व दिव्यांगों—के लिए होटल, भोजन और सहायता
• सिस्टम फेल होने की असली वजह पता लगाने के लिए हाई-लेवल कमेटी
इसके बावजूद देश के कई एयरपोर्ट्स पर भारी भीड़ और अव्यवस्था बनी हुई है। यात्रियों को लगातार बदल रही उड़ान जानकारी, बढ़े हुए किराए और असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
आज परिस्थितियाँ पूरी तरह सामान्य होंगी या नहीं, यह फिलहाल साफ नहीं है। लेकिन सरकारी हस्तक्षेप और त्वरित कदमों से उम्मीद है कि उड़ान संचालन जल्द वापस सामान्य हो जाएगा।






