प्रतिभा सिंह 12/1/26
मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला- संसद में उठाएंगे मामला, दोषियों पर कार्रवाई करे सरक
कांग्रेस ने कैग की रिपोर्ट में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) में सामने आए दस हजार करोड़ के घोटाले को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए कांग्रेस नेता कन्नन गोपीनाथन ने कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2015 से 2022 तक की पीएमकेवीवाई की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में योजना के हर स्तर पर भयंकर घोटाला सामने आया है। योजना में कुल 14 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान था, जिसमें से लगभग 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए। 94.53 प्रतिशत लाभार्थियों के बैंक खातों के विवरण फर्जी पाए गए। 61 लाख प्रशिक्षकों का डेटा पूरी तरह खाली या गायब है; कहीं नाम दर्ज नहीं हैं, कहीं मोबाइल नंबर नहीं हैं और अन्य आवश्यक जानकारियां भी मौजूद नहीं हैं। प्रशिक्षण का मूल्यांकन करने वाले 97 प्रतिशत असेसर्स की जानकारी उपलब्ध नहीं हैं। लगभग एक करोड़ लोगों को ट्रेनिंग दिखाई गई है, जबकि प्रशिक्षुओं के ईमेल आईडी केवल एक-डेढ़ लाख ही दर्ज हैं।
गोपीनाथन ने प्रेजेंटेशन के जरिए फर्जीवाड़े के कई चौंकाने वाले उदाहरण देते हुए बताया कि पांच-छह साल से बंद नीलिमा मूविंग पिक्चर्स नाम की कंपनी ने कथित तौर पर 33 हजार लोगों को ट्रेनिंग दी। एक ही फोटो को बिहार और उत्तर प्रदेश की अलग-अलग ट्रेनिंग बताकर इस्तेमाल किया गया। जयपुर कल्चरल सोसाइटी ने 31 फरवरी 2021 जैसी अस्तित्वहीन तारीख को ट्रेनिंग आयोजित करने का दावा किया और इसकी न्यूज क्लिपिंग भी सीएजी रिपोर्ट में शामिल की गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा राज में घोटालेबाज इतने कुशल हो गए हैं कि वे उस तारीख को भी काम कर रहे हैं जो कैलेंडर में होती ही नहीं। एक बंद दुकान वाली कंपनी रेडिए डिजाइन्स ने करीब 15 हजार लोगों को ट्रेनिंग देने का दावा किया। उन्होंने कहा कि सीएजी रिपोर्ट में ऐसे कई उदाहरणों का उल्लेख है जहां बिना ईमेल आईडी, बिना फ़ोन नंबर और बिना बैंक खाते नंबर के प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं को सात साल में 10 हजार करोड़ रुपए बांटे गए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रशिक्षुओं के 41 प्रतिशत प्लेसमेंट के दावे भी फर्जी हैं। केरल में ऑडिट के दौरान तीन कंपनियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उनके यहां कोई प्लेसमेंट हुआ ही नहीं। योजना में भर्ती, प्रमाणपत्र जारी करने और नौकरी दिलाने तक हर चरण में घोटाला किया गया।
गोपीनाथन ने कहा कि यह केवल 10,000 करोड़ रुपए के वित्तीय नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की कि सरकार कैग रिपोर्ट में सामने लाए गए इस घोटाले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करवाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संसद में इस मुद्दे को उठाएगी और सरकार द्वारा इस मामले में कार्रवाई की अपेक्षा करेगी।
गोपीनाथन ने जोर देते हुए कहा कि यह करदाताओं का पैसा है, जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ यह धोखाधड़ी सिर्फ टैक्सपेयर्स को ही नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य को नुकसान पहुंचा रही है।









