नई दिल्ली, 9 दिसंबर 2025
By: Varsha Chamoli
GSST/डेस्क: विकसित भारत @2047 की परिकल्पना और कला-संस्कृति के संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से NDMC (नई दिल्ली नगर परिषद) उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने आज नेहरू पार्क स्थित सृजन आर्ट गैलरी का निरीक्षण किया। उनके साथ एनडीएमसी के चेयरमैन श्री केशव चंद्रा, पद्मश्री कलाकार श्री अद्वैत गदनायक, वरिष्ठ कलाकार श्री टुटु पटनायक सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष चहल और चेयरमैन श्री चंद्रा ने उस स्थान का आकलन किया, जहाँ भविष्य में एक भव्य “स्कल्प्चर पार्क” विकसित किया जाएगा। चहल ने बताया कि इस परियोजना के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो पार्क के लिए अंतिम स्थान तय करेगी।


चहल ने कहा कि समिति द्वारा स्थान चयन के बाद एनडीएमसी एक महीने का विशेष संगोष्ठी (सिम्पोज़ियम) आयोजित करेगा। इसमें देशभर से लगभग 15 प्रसिद्ध मूर्तिकारों को आमंत्रित किया जाएगा, जिनमें कई पद्म पुरस्कार और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकार भी शामिल होंगे। यह कलाकार नेहरू पार्क में लाइव मूर्तियां तैयार करेंगे, जिनकी ऊँचाई लगभग 10 से 15 फीट होगी। पूर्ण होने के बाद इन मूर्तियों को नव-विकसित स्कल्प्चर पार्क में स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मई 2025 में एनडीएमसी ने एक नया Art & Culture Department स्थापित किया था। इस वर्ष कला-संस्कृति संबंधी गतिविधियों के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जो एनडीएमसी के कुल खर्च का लगभग 1% हिस्सा है। इसके साथ ही एक Urban Arts & Culture Forum भी बनाया गया है, जो सांस्कृतिक कार्यक्रमों के व्यवस्थित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उपाध्यक्ष चहल ने कहा कि यह पहल एनडीएमसी क्षेत्र को एक जीवंत, आकर्षक और सांस्कृतिक गतिविधियों से भरपूर जिलों में बदलने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकारों को मंच मिलेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को और मजबूती मिलेगी।
समापन में चहल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि भारत अपने कला, संस्कृति, परंपरा और सृजनात्मकता को दुनिया के सामने नए आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करे। Viksit Bharat 2047 की दृष्टि में कला और संस्कृति को राष्ट्र की आत्मा माना गया है—एक ऐसी शक्ति जो समाज को जोड़ती है, युवाओं को प्रेरित करती है और भारत की पहचान को मजबूत बनाती है। स्कल्प्चर पार्क परियोजना इसी सोच को आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जहाँ आधुनिक भारत की रचनात्मकता, सांस्कृतिक गर्व और नवाचार एक जगह दिखाई देंगे।









