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SPA दिल्ली का 43वां दीक्षांत समारोह भारत मंडपम में संपन्न, ‘विकसित भारत’ की नींव मजबूत करेंगे वास्तुकार: जयंत चौधरी

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नई दिल्ली | 04 जनवरी 2026
रिपोर्ट: वर्षा चमोली

स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली का 43वां दीक्षांत समारोह रविवार को भव्य रूप से भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। यह अवसर न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा के पूर्ण होने का प्रतीक रहा, बल्कि देश के भविष्य के निर्माण में वास्तुकारों और योजनाकारों की भूमिका को रेखांकित करने वाला भी रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने कहा कि भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने में वास्तुकला और योजना की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश देते हुए कहा,

“कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) वास्तुकारों की जगह नहीं लेगी, बल्कि यह सीमित सोच की जगह लेगी। जो लोग नवाचार, दूरदृष्टि और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे, वही समय के साथ नेतृत्व करेंगे।”

श्री चौधरी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे तकनीक, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी के संतुलन के साथ कार्य करें, ताकि भारत का शहरी और ग्रामीण विकास समावेशी एवं टिकाऊ बन सके।

SPA नई दिल्ली के निदेशक प्रो. वीरेंद्र कुमार पॉल ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2026 में कुल 373 विद्यार्थियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में स्नातक किया। इनमें 119 अंडरग्रेजुएट, 223 पोस्टग्रेजुएट और 31 पीएचडी शोधार्थी शामिल हैं। उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के लिए 20 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जो संस्थान की उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है।

दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता प्रो. आर्किटेक्ट हबीब खान, अध्यक्ष, SPA ने की। इस अवसर पर श्री आनंद कुमार (आईएएस, सेवानिवृत्त), अध्यक्ष, रेरा तथा प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय, निदेशक, इंटर-यूनिवर्सिटी एक्सेलरेटर सेंटर (IUAC) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा शिक्षा, शासन और उद्योग जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने समारोह की गरिमा बढ़ाई।

समारोह के अंत में स्नातक विद्यार्थियों ने वास्तुकला, योजना और डिजाइन के क्षेत्र में देश सेवा का संकल्प लिया। यह दीक्षांत समारोह उन युवाओं के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत साबित हुआ, जो अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तत्पर हैं।

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