मुजफ्फरपुर में गोलू अपहरण कांड का फिर उठा ज़िक्र, पीएम मोदी ने चुनावी रैली में साधा निशाना — 23 साल पुराने केस में फिर चली जांच की गाज़

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Varsha Chamoli

बिहार में चुनावी सर गर्मी अपने चरम पर है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मुजफ्फरपुर में एक रैली को संबोधित किया है जहां उन्होंने लोगों को शहर के चर्चित गोलू अपहरण कांड की याद दिलाई और महागठबंधन पर तंज कसा ऐसे में हम आपको बताते हैं कि आखिर क्या था गोलू अपहरण कांड जिसका जिक्र कर पीएम मोदी ने लालू यादव और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला बिहार में जिस व्यक्ति जिस वक्त गोलू का अपहरण हुआ था उसे समय बिहार में लाल यादव की पार्टी का शासन था,

*2001 का दिल दहला देने वाला मामला — जब गोलू की हत्या से सुलग उठा था मुजफ्फरपुर

साल सन 2001 में मुजफ्फरपुर में गोलू नाम के मासूम बच्चों को पहले अगवा कर लिया गया था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी गोलू का शव मिलने के बाद पूरा शहर गुस्से से उबल पड़ा लोगों ने मुख्य सड़क से लेकर शहर की गलियों तक जाम कर रखा था और हत्याओं की गिरफ्तारी की मांग कर को लेकर पूरा शहर बंद कर दिया था बीते साल ही पुलिस ने इस मामले को फिर से खोला है,

हालात बेकाबू हुए तो हेलीकॉप्टर से भेजे गए नए एसपी, पटना में मची हलचल

देखते ही देखते पूरा शहर हिंसा की चपेट में आ गया था प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया नगर थाना नाका थाना और पुलिस विकट हालात इतने बिगड़ गए थे कि खाकी वर्दी पहन कर निकलना भी पुलिसकर्मियों के लिए खतरे से खाली नहीं था हालात संभालने के लिए तत्कालीन सरकार को पटना से हेलीकॉप्टर द्वारा आईपीएस अधिकारी रविंद्र कुमार सिंह को मुजफ्फरपुर भेजना पड़ा था जबकि तत्कालीन एसपी नियर हुसैन खान को वापस बुला लिया गया था,

*23 साल बाद फिर खुली गोलू हत्याकांड की फाइल — कई सियासी चेहरों पर मंडराया खतरा *

घटना के 23 साल बाद साल सन 2024 में फिर से इस केस को खोला गया है पुलिस ने इस मामले में कुल 32 लोगों को निजामत किया गया था जबकि सैकड़ो अज्ञात भी शामिल थे इनमें से 10 आरोपी पहले से ही जमानत पर है इस मामले में कई ऐसे नाम शामिल हैं जो अब अलग-अलग राजनीतिक दलों के महत्वपूर्ण पदों पर है पुलिस की कार्रवाई की खबर से इन लोगों में खलबली मच गई है

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