लखनऊ, 9 जनवरी
रिपोर्ट: वर्षा चमोली
GSST/ डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के साथ उत्तर प्रदेश में अशोक लेलैंड के अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) विनिर्माण संयंत्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संयंत्र का निरीक्षण किया और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल संभावनाओं का प्रदेश नहीं रहा, बल्कि वह प्रदेश बन चुका है जो संभावनाओं को ठोस परिणामों में बदल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता से जुड़ी थी, लेकिन आज वही प्रदेश निवेश, उत्सव और विकास का केंद्र बन गया है।
सीएम योगी ने बताया कि इस ईवी प्लांट की वर्तमान उत्पादन क्षमता 2500 यूनिट प्रतिवर्ष है, जिसे आने वाले चरणों में बढ़ाकर 5000 यूनिट प्रतिवर्ष किया जाएगा। यह परियोजना न केवल औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन की दिशा में भी एक अहम कदम है। इस प्लांट के माध्यम से हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निवेश हो रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसें, रैपिड रेल और जलमार्ग—ये सभी सुविधाएं यूपी को देश का प्रमुख लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट हब बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उपद्रव और पहचान के संकट से जूझ रहा उत्तर प्रदेश आज राजस्व अधिशेष राज्य बन चुका है। साफ नीयत, ठोस नीतियों और तेज फैसलों के कारण अब यूपी की पहचान “फियरलेस बिजनेस”, “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस” के रूप में हो चुकी है। राज्य में अब 34 सेक्टर आधारित नीतियां लागू हैं, जिससे निवेशकों को हर क्षेत्र में अवसर मिल रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश आज “इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर्स फर्स्ट” की नीति पर काम कर रहा है। पिछले आठ से नौ वर्षों में राज्य को लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश की जीडीपी में लगभग 9.5 प्रतिशत का योगदान दे रहा है और राज्य की जीएसडीपी जल्द ही 36 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करने की ओर अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, ईवी, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप, एग्रीटेक, फिनटेक, हेल्थटेक और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में 18 हजार से अधिक स्टार्टअप, दर्जनों इन्क्यूबेटर और कई यूनिकॉर्न सक्रिय हैं।
सीएम योगी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार हिंदुजा समूह के साथ एक समझौता करने जा रही है, जिसके तहत प्रतिवर्ष उत्तर प्रदेश के 10 हजार युवाओं को स्किल डेवलपमेंट से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि ईवी सेक्टर भविष्य की तकनीक और रोजगार का बड़ा माध्यम बनने जा रहा है और इसमें युवाओं की भूमिका बेहद अहम होगी।
कार्यक्रम में अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा, एमडी एवं सीईओ शेनू अग्रवाल सहित कई केंद्रीय व राज्य मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









