प्रतिभा सिंह 11/12/25

जानेंहार्दिक पांड्या ने कहा कि हर बार जब वे मैदान पर उतरते हैं, उन्हें लगता है कि हजारों लोग सिर्फ उन्हें खेलने के लिए इंतजार कर रहे हैं और यही उन्हें और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता हैभारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 में दमदार वापसी करते हुए साबित कर दिया कि चोटें उनके जज्बे को कम नहीं कर सकतीं। लगभग दो महीने तक लेफ्ट क्वाड्रिसेप्स इंजरी से जूझने के बाद पांड्या ने न सिर्फ बल्ले से 28 गेंदों में नाबाद 59 रन ठोके, बल्कि गेंद से भी 1/16 लेकर भारत की 101 रन की बड़ी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मेरा लक्ष्य था मजबूत और बेहतर होकर लौटना’
बीसीसीआई द्वारा जारी एक वीडियो में हार्दिक पांड्या ने अपनी भावनाओं को खुलकर साझा किया। उन्होंने कहा कि चोटों ने उनकी मानसिक मजबूती की परीक्षा ली, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। पांड्या ने कहा, ‘मेरा माइंडसेट सिर्फ एक था…मजबूत होकर लौटना, कुछ बड़ा करके होकर लौटना और बेहतर होकर लौटना। चोटें आपको मानसिक रूप से परखती हैं और कई बार मन में शंकाएं भी पैदा करती हैं। लेकिन मेरे अपने लोगों ने मुझे संभाला।’ उन्होंने स्वीकार किया कि कठिन दौर से गुजरने के बावजूद उन्होंने अपने अंदर विश्वास कायम रखा, जिसने उन्हें मैदान पर फिर से चमकने में मदद की।अगर आप खुद पर यकीन नहीं करेंगे, तो दूसरे क्यों करेंगे?’
हार्दिक पांड्या का मानना है कि आत्मविश्वास किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि वे हमेशा अपने कौशल पर भरोसा रखते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं खुद पर कितना विश्वास करता हूं, यही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।

मैंने हमेशा माना है कि जब तक आप खुद पर भरोसा नहीं करेंगे, तब तक दूसरे भी आप पर भरोसा नहीं करेंगे।’ पांड्या टी20 वर्ल्ड कप में भारत की योजनाओं का अहम हिस्सा होंगे और उनकी फिटनेस व फॉर्म टीम के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है।मीठी बातें नहीं करता, मैं असलियत में जीता हूं’
अपने व्यक्तित्व के बारे में बात करते हुए हार्दिक ने कहा कि वे कभी दिखावा नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत ईमानदार हूं, बहुत रियल हूं। मैं चीजों को सुंदर पैकेज में पेश नहीं करता…मीठी बातें नहीं करता। मेरे लिए मायने रखता है कि मैं अंदर से कैसा महसूस करता हूं, लोग क्या सोचते हैं उससे फर्क नहीं पड़ता।’ पांड्या का कहना है कि अब वे सिर्फ खेल का आनंद लेना चाहते हैं और क्रिकेट में और बड़ा करना चाहते हैं।भड़के हुए भीड़ को प्यार में बदला’
हार्दिक पांड्या ने यह भी बताया कि उन्हें भीड़ से मिलने वाली ऊर्जा से बेहद लगाव है। उन्होंने कहा, ‘आपको एक रॉकस्टार होना चाहिए। आप आते हो, 10 मिनट खेलते हो और भीड़ पागल हो जाती है। यही मुझे मोटिवेट करता है।’ उन्होंने याद किया कि कैसे 2024 में मुंबई इंडियंस की कप्तानी संभालने पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद वही भीड़ उनका नाम लेने लगी।जिंदगी ने नींबू फेंके, मैंने शरबत बना लिया’
अपने संघर्ष को एक लाइन में समेटते हुए हार्दिक बोले, ‘जिंदगी ने मुझ पर कई नींबू फेंके, और मैंने हर बार नींबू का शरबत बनाया।’ उन्होंने कहा कि हर बार जब वे मैदान पर उतरते हैं, उन्हें लगता है कि हजारों लोग सिर्फ उन्हें खेलने के लिए इंतजार कर रहे हैं और यही उन्हें और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।








