प्रतिभा 22/12/25
भारतीय एथलेटिक्स के लिए 2025 का साल उतार चढ़ाव भरा रहा। भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने जहां 90 मीटर का आंकड़ा पार किया, लेकिन वह विश्व चैंपियनशिप में खिताब बरकरार नहीं रख सके। वहीं, डोपिंग ने भी भारतीय एथलेटिक्स को काफी सतायावर्ष 2025 अब समापन की ओर बढ़ रहा है। कुछ ही दिन बाद 2026 की शुरुआत हो जाएगी और 2025 का साल यादों में रह जाएगा। खेलों के लिहाज से यह साल भारत के लिए काफी अच्छा रहा, लेकिन एथलेटिक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिले। भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा आखिरकार 90 मीटर की बाधा पार करने में सफल रहे, लेकिन डोपिंग के डंक ने एथलेटिक्स को काफी सताया।
विश्व चैंपियनशिप में नीरज के हाथ लगी निराशा
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज ने दोहा डायमंड लीग में भाला फेंक में मानक माने जाने वाले 90 मीटर की दूरी हासिल की लेकिन इसी वर्ष टोक्यो में विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पदक जीतने में नाकाम रहने से उन्हें निराशा भी हाथ लगी। इस प्रतियोगिता में युवा सचिन यादव ने चोपड़ा को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल किया और इस तरह से भाला फेंक में विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनने की अपनी क्षमता प्रदर्शित कीकई एथलीट डोपिंग का हुए शिकार
डोपिंग का खतरा कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं क्योंकि कई शीर्ष भारतीय खिलाड़ी इसकी चपेट में आ गए। इनमें ओलंपियन भाला फेंक खिलाड़ी शिवपाल सिंह और एशियाई खेलों की पूर्व पदक विजेता चक्का फेंक की खिलाड़ी सीमा पुनिया भी शामिल हैं। अपनी तरह के पहले मामले में एक एथलीट और उसके कोच की जोड़ी को डोपिंग के लिए निलंबित कर दिया गया, जबकि दो नाबालिग एथलीट भी डोपिंग में पकड़े गए। इन सबके बीच सकारात्मक पहलू यह रहा कि भारत ने दो विश्व एथलेटिक्स महाद्वीपीय टूर प्रतियोगिताओं की मेजबानी की। इनमें से एक में नीरज ने मेजबानी की और जीत हासिल की। भारत ने इसके अलावा 2031 में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप सहित कुछ प्रमुख महाद्वीपीय और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए बोली लगाई है।
इस साल शादी के बंधन में भी बंधे नीरज
भारतीय खेलों के नायक नीरज इस साल हिमाचल प्रदेश के एक निजी रिसॉर्ट में टेनिस खिलाड़ी हिमानी मोर के साथ परिणय सूत्र में बंधे। इस समारोह में कुछ करीबी रिश्तेदार और परिवार के सदस्य ही मौजूद थे। लोगों को इसके बारे में तभी पता चला जब नीरज ने खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शादी की तस्वीरें पोस्ट कीं। इसके कुछ महीनों बाद नीरज ने अपना भाला 90.23 मीटर तक फेंका और ऐसा करने वाले एशिया के तीसरे और कुल मिलाकर 25वें खिलाड़ी बन गए।
नीरज ने जीते तीन बड़े खिताब
नीरज ने पेरिस डायमंड लीग, गोल्डन स्पाइक मीट और एनसी क्लासिक के रूप में इस साल तीन बड़े खिताब जीते। उन्होंने घरेलू दर्शकों और परिवार के सदस्यों के सामने एनसी क्लासिक के रूप में विश्व स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी करने का अपना सपना साकार किया। इस स्टार खिलाड़ी को हालांकि डायमंड लीग फाइनल में निराशा हाथ लगी और वह जर्मनी के जूलियन वेबर के बाद दूसरे स्थान पर रहे। सबसे अप्रत्याशित परिणाम सितंबर में टोक्यो विश्व चैंपियनशिप में देखने को मिला। इस प्रतियोगिता में चोपड़ा 84.03 मीटर ही भाला फेंक सके और कुल मिलाकर आठवें स्थान पर रहे। भारत के एक अन्य खिलाड़ी सचिन यादव (86.27 मीटर) ने हालांकि अच्छा प्रदर्शन करके चौथा स्थान हासिल किया।
भारत ने 10 अगस्त को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में विश्व एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर की कांस्य स्तरीय प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन किया। भारत ने 2028 एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप और 2026 एशियाई रिले के लिए भी बोली लगाई है। इसी बीच आदिल सुमारीवाला का भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया और 2002 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले गोला फेंक खिलाड़ी बहादुर सग्गू को उनकी जगह अध्यक्ष चुना गया।









