रिपोर्ट: Varsha Chamoli , देहरादून से | 3 नवंबर 2025

देहरादून:
उत्तराखंड ने सोमवार को अपना 25वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया।
राज्य की राजधानी देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने उनका स्वागत किया।
इस मौके पर उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया गया, जिसमें राज्य के विकास, भविष्य की नीतियों और ‘हरित ऊर्जा मिशन 2030’ पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति मुर्मु का संबोधन: “आने वाले 25 वर्ष उत्तराखंड के स्वर्णिम होंगे”
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने भाषण में कहा —
“उत्तराखंड ने अपनी प्राकृतिक संपदा और मानव संसाधन के दम पर देश में विशिष्ट पहचान बनाई है। आने वाले 25 वर्ष इस राज्य के स्वर्णिम होंगे, यदि हम विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ें।”
उन्होंने राज्य की महिलाओं और युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि ‘पहाड़ की बेटी अब देश की पहचान बन रही है।’
पहाड़ों पर बर्फबारी, जश्न में दुगना उत्साह
राज्य के ऊंचे इलाकों — औली, केदारनाथ, बद्रीनाथ, हर्षिल और मुनी की रेती — में सोमवार सुबह सीज़न की पहली बर्फबारी हुई।
बर्फ की परतों से ढके पहाड़ों के बीच जब स्थापना दिवस के गीत गूंजे, तो पर्यटन स्थलों में रौनक लौट आई।
औली के होटल व्यवसायी विजय बिष्ट ने कहा —
“दीवाली और स्थापना दिवस साथ आने से इस साल टूरिस्ट सीज़न की शानदार शुरुआत हुई है।”
बर्फबारी के कारण चारधाम मार्ग के कुछ हिस्सों में हल्की बाधा आई, लेकिन BRO और आपदा प्रबंधन टीमों ने तैनाती बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री धामी की घोषणा: “हर घर विकास, हर गांव स्वावलंबी”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्र के दौरान कहा —
“राज्य गठन के 25 साल बाद अब हमारा लक्ष्य ‘विकसित उत्तराखंड 2047’ है। हम हर घर तक बिजली, इंटरनेट और स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य अगले दो वर्षों में पूरी तरह हरित ऊर्जा राज्य बनेगा।
इस दिशा में सरकार 1000 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजनाएं शुरू करने जा रही है।
स्थापना दिवस समारोह: संस्कृति, लोकगीत और सम्मान समारोह
देहरादून के परेड ग्राउंड में शाम को भव्य ‘उत्तराखंड गौरव समारोह’ आयोजित हुआ।
लोकगायक गौरा देवी ग्रुप और जागर कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियाँ दीं।
कार्यक्रम में ‘उत्तराखंड गौरव सम्मान 2025’ भी वितरित किए गए, जिसमें 12 लोगों को शिक्षा, चिकित्सा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
जनभावना: “25 साल में राज्य बदला, लेकिन उम्मीदें अभी बाकी”
स्थानीय नागरिकों ने जश्न के बीच अपने अनुभव साझा किए।
देहरादून निवासी सीमा रावत ने कहा —
“हमने राज्य गठन आंदोलन देखा है। अब बच्चों को रोजगार और अच्छी शिक्षा चाहिए।”
वहीं बद्रीनाथ के पुजारी पंडित गोविंद जोशी बोले —
“पहाड़ों में सुविधाएं बढ़ी हैं, पर सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं में अभी सुधार की जरूरत है।”
मौसम विभाग की चेतावनी
आईएमडी के अनुसार, अगले 48 घंटों में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में और अधिक बर्फबारी की संभावना है।
पर्यटकों को सलाह दी गई है कि ऊंचे इलाकों में जाते समय एहतियात बरतें और मौसम अपडेट पर नजर रखें।
