पीएम मोदी ने आर्थिक मजबूती पर जताई खुशी, देशवासियों से की ‘स्वदेशी’ अपनाने और गैर-जरूरी सोना न खरीदने की अपील
नई दिल्ली: चालू वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) दर में आई शानदार और अप्रत्याशित तेजी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा संतोष व्यक्त किया है। देश की मजबूत आर्थिक स्थिति की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण संबोधन में भारतवासियों को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘स्वदेशी’ उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इसके साथ ही, देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) और व्यापार घाटे को संतुलित रखने के उद्देश्य से उन्होंने नागरिकों से एक विशेष और व्यावहारिक अपील करते हुए कहा कि यदि अत्यंत आवश्यकता न हो, तो सोने (Gold) की अनावश्यक खरीदारी से बचें।
रिकॉर्ड जीडीपी आंकड़े और देश की मजबूत आर्थिक नींव
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़ों में भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद बेहद दमदार प्रदर्शन किया है। इस मजबूत वृद्धि पर खुशी जाहिर करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत की आंतरिक आर्थिक शक्ति, विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र के विस्तार और 140 करोड़ देशवासियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है।
सोने की खरीदारी पर संयम की सलाह क्यों?
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश के आर्थिक ढांचे को सुरक्षित रखने के लिए सोने के आयात से जुड़ी चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित किया। पीएम मोदी की इस खास अपील के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
व्यापार घाटा (Trade Deficit) कम करना: भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है और अपनी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर सोने का आयात (Import) करता है। अनावश्यक खरीदारी से देश का कीमती विदेशी मुद्रा भंडार बाहर जाता है।
स्थानीय विनिर्माण और स्वदेशी को बढ़ावा: पीएम ने आग्रह किया कि नागरिक अपनी बचत का इस्तेमाल विदेशी सोने को जमा करने के बजाय भारत में निर्मित उत्पादों (Made in India Products) को खरीदने और घरेलू उद्योगों में निवेश करने के लिए करें।
महंगाई और आर्थिक संतुलन: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच गैर-जरूरी खरीद से बचना आम नागरिकों की व्यक्तिगत वित्तीय सेहत और देश के चालू खाता घाटे (CAD) दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
स्वदेशी अपनाकर अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने त्यौहारों और आगामी महीनों के संदर्भ में ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) के मंत्र को दोहराया। उन्होंने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों से अपील की कि वे देश में बने सामानों को प्राथमिकता दें, जिससे स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्यमियों और स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सके।
प्रशासनिक और आर्थिक विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री के इस रुख का स्वागत करते हुए इसे देश की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए एक दूरदर्शी कदम बताया है।









