नई दिल्ली: देश की संसद में मंगलवार का दिन भारी हंगामे और राजनीतिक खींचतान के नाम रहा। सत्ता पक्ष (एनडीए) और विपक्षी दलों के सांसदों ने परिसर के भीतर और बाहर एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया। एक तरफ जहां विपक्ष विभिन्न जनहित के मुद्दों और परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी गठबंधन के सांसदों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रुख के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।
सदन के बाहर प्रदर्शन और बयानों के तीर
संसद परिसर में मचे इस घमासान के दौरान एनडीए सांसदों ने एकजुट होकर ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगाए। भाजपा सदस्यों का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष का रवैया गैर-जिम्मेदाराना है और वे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा करने के बजाय केवल राजनीतिक गतिरोध पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
इसी कड़ी में भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता का व्यवहार देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने वाला है और वे अपने आचरण से जनता व युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। कंगना ने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च पंचायत है, जहां मुद्दों का समाधान हंगामे से नहीं बल्कि सार्थक बहस से ही निकल सकता है।
विपक्ष का पलटवार और जारी गतिरोध
दूसरी तरफ, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सत्ता पक्ष के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विपक्ष का तर्क है कि वे युवाओं, छात्रों और जनता से जुड़े अहम सवालों को मजबूती से उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है और चर्चा से भाग रही है।
लगातार हो रहे शोर-शराबे और वॉकआउट के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है, जिससे विधायी कार्यों पर असर पड़ रहा है।
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👍 सार्थक संवाद: विपक्ष को अपनी बात रखने के साथ-साथ सदन में होने वाली चर्चाओं का हिस्सा भी बनना चाहिए।
👎 जनहित का सवाल: राहुल गांधी और विपक्ष का यह कड़ा रुख छात्रों व जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने की कोशिश है।
🙏 सहमति: कंगना रनौत ने विपक्ष के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर बिल्कुल सही सवाल उठाए हैं।
⭐ संतुलन: राजनीतिक असहमति और विरोध अपनी जगह जायज हैं, लेकिन संसदीय कार्यवाही का जारी रहना बेहद जरूरी है।
😮 संसदीय मर्यादा: पहले बहस की मांग करना और फिर लगातार हंगामा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है।
संसदीय गतिरोध: एनडीए और विपक्ष के बीच तीखा टकराव, राहुल गांधी के खिलाफ लगे नारे








