दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन जारी रहा। कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे लगाए। वहीं, छात्र संगठनों ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी की गई है। इसमें सौरव दास और अशुतोष रांका आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति साझा करेंगे।
करीब 23 घंटे हिरासत में रहने के बाद रिहा हुए तीनों
अभिजीत दीपके, सौरव दास और अशुतोष रांका को करीब 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद रविवार को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद आंदोलन और हिरासत को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। अशुतोष रांका और सौरव दास प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आगे की रणनीति बताएंगे। वहीं, अभिजीत दीपके अपनी दादी के निधन के कारण महाराष्ट्र स्थित अपने घर के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने बताया कि वह परिवार के साथ रहने जा रहे हैं। इस वजह से वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हो पाएंगे।
कपिल सिब्बल से मुलाकात के बाद घर रवाना हुए दीपके
अभिजीत दीपके राज्यसभा सांसद और वकील कपिल सिब्बल से मुलाकात के बाद उनके घर से निकले। इस दौरान उन्होंने अपनी दादी के निधन की जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल उनका परिवार के साथ रहना जरूरी है। दीपके ने बताया कि अशुतोष रांका और सौरव दास दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें आंदोलन की आगे की दिशा और रणनीति पर बात होगी।
दीपके ने दिल्ली में व्यवस्था ठप होने पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने देखा कि क्या हुआ। दीपके के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा के लिए दिल्ली को ठप कर दिया गया, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने सवाल किया कि ज्ञानेश कुमार में ऐसा क्या है कि उनकी सुरक्षा के लिए लोगों को इतनी परेशानी का सामना करना पड़ा।
छात्र संगठनों ने पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप
प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अन्य छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। SFI ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल दिल्ली में प्रदर्शन जारी है। अब सबकी नजर CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है, जहां अशुतोष रांका और सौरव दास आंदोलन को आगे बढ़ाने की योजना और हिरासत से जुड़े अपने अनुभवों पर बात कर सकते हैं।









