भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने अपनी निजी जिंदगी के मुश्किल दौर को लेकर खुलकर बात की है। आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान चहल ने बताया कि धनश्री वर्मा से तलाक के बाद उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और शराब पीने की आदत हद से ज्यादा बढ़ गई थी। इस दौरान उन्हें पैनिक अटैक का भी सामना करना पड़ा। हालात को संभालने के लिए उन्होंने रिहैब सेंटर में 26 दिन बिताए। 36 वर्षीय चहल ने बताया कि उनके लिए यह दौर आसान नहीं था। हालांकि, परिवार और दोस्तों के साथ ने उन्हें मुश्किल समय से बाहर निकलने में मदद की। अब वह अपनी सेहत, फिटनेस और क्रिकेट पर ध्यान दे रहे हैं।
पैनिक अटैक के दौरान बोलना भी हो जाता था मुश्किल
चहल ने पॉडकास्ट में पैनिक अटैक के अनुभव साझा करते हुए बताया कि एंग्जायटी के दौरान उनकी धड़कन तेज हो जाती थी और चेहरे पर भी असर दिखाई देता था। उनके मुताबिक, इस स्थिति में चेहरा सिकुड़ जाता था और होंठ एक तरफ खिंच जाते थे। कई बार उनके लिए बोलना भी मुश्किल हो जाता था। चहल ने बताया कि ऐसी स्थिति में दूसरे लोगों को भी अंदाजा हो जाता था कि कुछ ठीक नहीं है। उन्हें यह चिंता भी रहती थी कि सोशल मीडिया पर लोग उनकी स्थिति को लेकर तरह-तरह की बातें करेंगे। ऐसे में उन्होंने अपना ध्यान क्रिकेट और आईपीएल पर लगाने की कोशिश की।
तलाक के बाद बढ़ गई थी शराब पीने की आदत
शराब पीने की शुरुआत के बारे में बात करते हुए चहल ने बताया कि युवा उम्र में पार्टियों के दौरान यह आदत शुरू हुई थी। उन्होंने वर्ष 2011 में अपना पहला आईपीएल खेला था। हालांकि, समय के साथ उन्हें जीवन में संतुलन बनाए रखने की अहमियत समझ आई। चहल के मुताबिक, तलाक के बाद उनकी स्थिति ज्यादा बिगड़ गई थी। उन्हें एहसास हुआ कि अगर वह इसी तरह आगे बढ़ते रहे, तो इसका असर उनके क्रिकेट करियर पर भी पड़ सकता है। क्रिकेट उनके लिए सबसे अहम था और वह अपनी इस आदत के कारण खेल को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे।
26 दिन रिहैब सेंटर में रहे चहल
चहल ने बताया कि पिछले साल काउंटी क्रिकेट खेलने के बाद उन्होंने शराब छोड़ने का फैसला किया। जब उन्हें लगा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है, तो उन्होंने रिहैब सेंटर में दाखिला लिया और 26 दिन वहां बिताए। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद उन्हें अपनी स्थिति समझने और भावनाओं को संभालने में मदद मिली। चहल के अनुसार, इसके बाद उन्होंने फिटनेस पर भी ध्यान देना शुरू किया। जिम, फील्डिंग ड्रिल और नियमित ट्रेनिंग उनकी दिनचर्या का हिस्सा बने।
मुश्किल समय में परिवार और दोस्तों ने दिया साथ
निजी जिंदगी की परेशानियों के दौरान साथ देने वाले लोगों के बारे में पूछे जाने पर चहल ने अपने करीबी दोस्तों और परिवार का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मुश्किल समय में इन लोगों ने उनका साथ नहीं छोड़ा। चहल की बातों से साफ है कि उनके लिए इस दौर से उबरने में अपनों का सहयोग अहम रहा। उन्होंने अपनी परेशानियों को स्वीकार करते हुए आदतों में बदलाव करने का फैसला लिया और धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया।
पंजाब किंग्स के भरोसे पर खरा उतरना चाहते थे चहल
क्रिकेट में वापसी और अपने प्रदर्शन को लेकर चहल ने आईपीएल में पंजाब किंग्स के साथ बिताए समय का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फ्रेंचाइजी ने उन पर 18 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस भरोसे ने उन्हें टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी का एहसास कराया। चहल ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ उस मुकाबले का भी जिक्र किया, जिसमें पंजाब किंग्स ने 111 रन के लक्ष्य का बचाव किया था। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें लगा कि टीम के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाना जरूरी है। आईपीएल 2025 में चहल ने 16 विकेट लिए थे, जबकि 2026 सीजन में उनके नाम 12 विकेट रहे।
तीन साल से टीम इंडिया से बाहर हैं चहल
युजवेंद्र चहल लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने अपना पिछला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबला अगस्त 2023 में खेला था। हाल ही में उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला भी किया। चहल की यह बातचीत उनके क्रिकेट करियर के साथ-साथ निजी जिंदगी में आए उतार-चढ़ाव को भी सामने लाती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मुश्किल दौर में अपनी स्थिति को पहचानना, मदद लेना और जीवनशैली में बदलाव करना उनके लिए अहम साबित हुआ।









