छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के धार्मिक नगरी शिवरीनारायण को 63 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें महानदी पर नए पुल का निर्माण, शहर के गंदे पानी की सफाई के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी की स्थापना और राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की दिशा में सर्वे कराने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की जरूरतों को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
महानदी पर पुल और एसटीपी प्लांट से होगा फायदा
शिवरीनारायण में महानदी पर नया पुल बनने से आवागमन को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, शहर में एसटीपी प्लांट स्थापित होने से गंदे पानी का उपचार किया जा सकेगा। इससे स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने और महानदी को प्रदूषण से बचाने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत शिवरीनारायण के विकास पर भी जोर दिया। इस योजना से धार्मिक स्थलों की सुविधाएं बेहतर होने के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में 18 लाख मकानों की मंजूरी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी देने का फैसला लिया गया था। इनमें से करीब साढ़े 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण पूरा हो रहा है। इसके अलावा आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास और प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 32 हजार आवास मंजूर किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर बनाना है।
किसानों और महिलाओं के लिए योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 250 से अधिक नए धान खरीदी केंद्र भी खोले गए हैं। इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों, आदिवासी समुदायों और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
राम वनगमन पर्यटन परिपथ से बढ़ेंगी रोजगार की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थल भगवान श्रीराम की वनगमन यात्रा से जुड़ी मान्यताओं के कारण विशेष पहचान रखता है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत यहां पर्यटन सुविधाओं का विकास होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ सकती है। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय दुकानदारों और अन्य कारोबारों को लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों की पहचान मजबूत करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में काम कर रही है।
बस्तर में 421 बंद स्कूल दोबारा शुरू
मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में विकास और शिक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना और अग्रणी बस्तर अभियान के माध्यम से दूरस्थ इलाकों तक सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बस्तर में 421 बंद स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में मदद मिली है। सरकार का जोर ऐसे इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार करने पर है, जहां लंबे समय से बुनियादी सेवाओं की पहुंच सीमित रही है।
700 से ज्यादा सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर भी सरकार की योजनाएं गिनाईं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु पोर्टल और अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने भी शिवरीनारायण के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। अब शिवरीनारायण में घोषित पुल, एसटीपी प्लांट, पर्यटन विकास और नगरपालिका बनाने के लिए प्रस्तावित सर्वे पर आगे की कार्रवाई का इंतजार रहेगा।









