उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान सरकार के कामकाज और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर अपनी बात रखी। अनुपूरक बजट सदन में पेश करने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड ने आर्थिक विकास से लेकर पर्यटन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में प्रगति की है।
पांच साल में बजट में हुआ बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री धामी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 में उत्तराखंड का बजट 64,489 करोड़ रुपये था। अब यह बढ़कर 1.19 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने इसे प्रदेश की आर्थिक स्थिति में आए बदलाव के तौर पर पेश किया। सीएम ने बताया कि वर्ष 2022 में उत्तराखंड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) करीब 2.55 लाख करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 3.82 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी अवधि में प्रति व्यक्ति आय भी 1.95 लाख रुपये से बढ़कर 2.74 लाख रुपये हो गई है।
गरीबी में कमी और सौर ऊर्जा उत्पादन में बढ़ोतरी का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य में गरीबी के आंकड़ों और ऊर्जा उत्पादन में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, प्रदेश में गरीबी का स्तर 9.7 प्रतिशत से घटकर 6.92 प्रतिशत रह गया है। वहीं, सौर ऊर्जा उत्पादन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। धामी ने बताया कि राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता 439 मेगावाट से बढ़कर 1,271 मेगावाट हो गई है। सरकार की ओर से इन आंकड़ों को प्रदेश में हो रहे विकास के संकेत के रूप में प्रस्तुत किया गया।
विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की बात कही
पर्यटन के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। उनके मुताबिक, वर्ष 2022 में विदेशी पर्यटकों की संख्या 64,489 थी, जो बढ़कर 1,92,533 हो गई है। राज्य में धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन क्षेत्र को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
2,000 मेधावी छात्रों को भारत दर्शन पर भेजने की योजना
मुख्यमंत्री ने युवाओं की शिक्षा और करियर को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि अब तक 1,000 मेधावी छात्रों को भारत दर्शन पर भेजा जाता रहा है। सरकार ने इस संख्या को बढ़ाकर 2,000 करने का फैसला किया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के तहत 10 हजार से अधिक युवाओं को निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग देने की बात कही गई। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सहायता उपलब्ध कराना है।
विदेशी भाषा प्रशिक्षण से रोजगार के अवसर
धामी ने बताया कि राज्य के युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इससे उन्हें जापान और जर्मनी जैसे देशों में रोजगार के अवसर हासिल करने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ युवाओं के भविष्य पर भी ध्यान दे रही है। भराड़ीसैंण में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार आगे भी इसी दिशा में काम करती रहेगी और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेगी।









