राजस्थान में शारदीय नवरात्रि की महासप्तमी के पावन अवसर पर धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बावड़ी क्षेत्र के ग्राम केलावा खुर्द में केशव प्रिया गौशाला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित दिव्य रामकथा एवं नवकुण्डीय महायज्ञ में सहभागिता की। पूज्य संत श्री मुरलीधर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर आधारित कथा का श्रवण किया और आध्यात्मिक शांति की अनुभूति की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नवकुण्डीय महायज्ञ में श्रद्धापूर्वक आहुति अर्पित की। उन्होंने जगत जननी मां भगवती, प्रभु श्रीराम और पूज्य संतों से प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति और चहुंमुखी समृद्धि की मंगलकामना की।
रामकथा से जन-जन तक पहुंचे मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्श
दिव्य रामकथा के माध्यम से प्रभु श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों और मर्यादाओं का संदेश दिया गया। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य, त्याग और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से इन मूल्यों को समाज के बीच पहुंचाने और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता ने आयोजन के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया। नवरात्रि के दौरान आयोजित रामकथा और महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने धर्म, आस्था और सामाजिक सद्भाव के संदेश को आत्मसात किया।
गौसेवा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गौसेवा, जीव-दया और भारतीय संस्कृति के संवर्धन के लिए कार्य कर रही केशव प्रिया गौशाला सेवा समिति के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ऐसे आयोजनों को धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और समाज सेवा की भावना को मजबूत करने वाला बताया। गौसेवा भारतीय परंपरा में विशेष महत्व रखती है। गौशालाओं के माध्यम से पशुओं की देखभाल, सेवा और संरक्षण के कार्य किए जाते हैं। समिति की ओर से धार्मिक आयोजन के साथ इन मूल्यों को प्रोत्साहित करना समाज के लिए प्रेरणादायक पहल है।
केंद्रीय मंत्री और जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और राज्यमंत्री के.के. विश्नोई सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। संत श्री मुरलीधर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, वैदिक परंपरा और सामाजिक सेवा का संगम देखने को मिला। नवरात्रि की महासप्तमी पर आयोजित रामकथा और नवकुण्डीय महायज्ञ के माध्यम से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई।









