हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पार्टी के नेतृत्व और चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दशकों से देश के कई राज्यों में सत्ता से बाहर है, लेकिन पार्टी संगठन में राहुल गांधी के नेतृत्व पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। सैनी ने कांग्रेस को अपनी चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने की सलाह दी।
कई राज्यों में दशकों से सत्ता से दूर कांग्रेस
नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कई राज्यों में पार्टी के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने की बात कही। उनके अनुसार, तमिलनाडु में 59 साल, पश्चिम बंगाल में 49 साल, सिक्किम में 42 साल, उत्तर प्रदेश में 37 साल और बिहार में 36 साल से कांग्रेस सत्ता से दूर है।
उन्होंने गुजरात में 30 साल, ओडिशा में 26 साल, नागालैंड में 23 साल तथा महाराष्ट्र और हरियाणा में 12 साल से सत्ता से बाहर रहने का भी उल्लेख किया। ये आंकड़े मुख्यमंत्री के बयान के संदर्भ में सामने आए हैं।
हर हार के लिए व्यवस्था को दोष देना उचित नहीं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। चुनाव में हार के बाद व्यवस्था पर सवाल उठाने के बजाय राजनीतिक दलों को अपने प्रदर्शन और रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर हार के लिए व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराना राजनीतिक जवाबदेही से बचने का रास्ता नहीं हो सकता।
राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से पूछे सवाल
सैनी ने गांधी परिवार और कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि हर चुनावी हार के पीछे वोट चोरी को कारण बताया जाता है, तो उन राज्यों में पार्टी के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने की वजह क्या है? उन्होंने कांग्रेस को अपने नेतृत्व और खोए हुए जनाधार पर गंभीरता से विचार करने की नसीहत दी।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच नेतृत्व पर बहस तेज
मुख्यमंत्री के इस बयान से कांग्रेस के नेतृत्व और चुनावी रणनीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। हालांकि, कांग्रेस की चुनावी स्थिति का आकलन करने के लिए प्रत्येक राज्य के चुनावी परिणामों, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और संगठनात्मक प्रदर्शन को अलग-अलग देखना जरूरी है।









