देश के कई हिस्सों में मानसून अब भी सक्रिय है। केरल से लेकर उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। कहीं भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हैं तो कहीं नदी-नाले उफान पर हैं। केरल में लैंडस्लाइड और बाढ़ से मौतें हुई हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की जान चली गई।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। 21 सितंबर को जारी IMD के अपडेट के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की स्थिति बनी हुई है।
केरल में बारिश और लैंडस्लाइड से 5 मौतें
केरल में सोमवार को लगातार दूसरे दिन बारिश का असर देखने को मिल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। रविवार को इडुक्की और मलप्पुरम समेत कई जिलों में बारिश के बाद लैंडस्लाइड, मडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि दो लोग लापता बताए गए हैं। कोट्टायम जिले में भी बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई है।
IMD के मुताबिक केरल में 21 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बन सकती है। 24 सितंबर को राज्य में फिर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
यूपी में पुल के ऊपर बह रहा पानी, 3 बच्चों की मौत
उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश और जलभराव का असर दिखाई दे रहा है। ललितपुर में बेतवा नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जबकि सीतापुर में कई छोटे पुल पानी में डूब गए हैं। उन्नाव की जलमग्न बस्तियों में लोगों की आवाजाही के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बाराबंकी में रविवार को बारिश के पानी से भरे गड्ढे में नहाते समय तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई।
हालांकि, 21 सितंबर के IMD उपखंडीय पूर्वानुमान में उत्तर प्रदेश के लिए तत्काल भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 सितंबर से और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 सितंबर से भारी बारिश की संभावना बताई गई है।
गुजरात में आधे घंटे की बारिश से सड़कें बनीं तालाब
गुजरात में भी रविवार को कई इलाकों में तेज बारिश हुई। भावनगर और राजकोट में करीब आधे घंटे की बारिश के बाद कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। भावनगर के महुवा में करीब साढ़े चार इंच और राजकोट के गोंडल में साढ़े तीन इंच बारिश दर्ज की गई। जूनागढ़ के गिरनार जंगल में अचानक बाढ़ आने से आत्मेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले रास्ते में 40 से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए। वन विभाग और फायर ब्रिगेड की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। 21 सितंबर को गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है, जबकि 22 सितंबर से अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।
महाराष्ट्र-कर्नाटक में भी बारिश का असर
महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा क्षेत्र में बारिश का दौर बना हुआ है। IMD ने 21 सितंबर को गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने और 22-23 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई है। कर्नाटक में भी हाल के दिनों में तेज बारिश से बेंगलुरु समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ था। IMD ने बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाओं की संभावना जताई थी।
राजस्थान में मानसून की विदाई, बढ़ने लगा तापमान
राजस्थान में मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के बीच कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने लगा है। राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश कमजोर पड़ रही है।
जैसलमेर में रविवार को अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यानी बारिश की विदाई के साथ पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर फिर बढ़ने लगा है। मानसून की वापसी की शुरुआत 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से होने की जानकारी IMD ने दी थी।
MP समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा अपडेट में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ओडिशा में भी बंगाल की खाड़ी से बन रही मौसम प्रणाली के प्रभाव से भारी बारिश की आशंका है। राज्य के कई जिलों में प्रशासन को अलर्ट रहने और संभावित जलभराव-बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कुल मिलाकर देश में मानसून की विदाई शुरू होने के बावजूद कई राज्यों में बारिश का असर बना हुआ है। दक्षिण और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की स्थिति है, जबकि पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ इलाकों में मानसून कमजोर पड़ने लगा है। लोगों को स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और नदी-नालों व जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।









