उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने चुनाव के लिए 16 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इसमें पिथौरागढ़ से काशी सिंह ऐरी, देवप्रयाग से पूरण सिंह कठैत और प्रतापनगर से पंकज व्यास को टिकट दिया गया है। वहीं, देहरादून कैंट से राजेंद्र सिंह नेगी को चुनाव मैदान में उतारा गया है। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन में संगठन के प्रति समर्पण, लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने और उत्तराखंड के हितों के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों के चयन के लिए फाइव-लेयर सिस्टम अपनाया गया है। पार्टी जल्द ही दूसरी सूची भी जारी करेगी।
इन 16 सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार
UKD की पहली सूची में अलग-अलग क्षेत्रों से 16 प्रत्याशियों को जगह दी गई है। पिथौरागढ़ से काशी सिंह ऐरी, द्वाराहाट से पुष्प त्रिपाठी, देवप्रयाग से पूरण सिंह कठैत और प्रतापनगर से पंकज व्यास चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा कर्णप्रयाग से आशीष नेगी, जागेश्वर से दिनेश कुजवाल, राजपुर से देव चंद उत्तराखंडी, सल्ट से प्रताप सिंह, टिहरी से डीडी पंत और कपकोट से वरुण चंदोला को टिकट दिया गया है। मैदानी क्षेत्रों में काशीपुर से प्रदीप चंद, नानकमत्ता से कैलाश सिंह पांगती और रामनगर से भुवन चंद्र को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, देहरादून कैंट से सेवानिवृत्त कमांडेंट राजेंद्र सिंह नेगी, खानपुर से रितु कंडियाल जुयाल और धनोल्टी से चंदन सिंह राणा चुनाव मैदान में होंगे।
फाइव-लेयर सिस्टम से हुआ प्रत्याशियों का चयन
पार्टी अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती के मुताबिक, उम्मीदवारों के चयन में फाइव-लेयर सिस्टम को आधार बनाया गया है। इसके तहत कार्यकर्ताओं की संगठन के प्रति निष्ठा, पार्टी में उनका योगदान, क्षेत्र में सक्रियता और उत्तराखंड के मुद्दों पर उनके संघर्ष को ध्यान में रखा गया। पार्टी का कहना है कि टिकट देने से पहले संगठन के विभिन्न स्तरों पर चर्चा की गई। इसके जरिए ऐसे चेहरों को मौका देने की कोशिश की गई है, जो लंबे समय से दल के साथ जुड़े हुए हैं और अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
दूसरी सूची का इंतजार
पहली सूची जारी करने के साथ ही UKD ने साफ कर दिया है कि बाकी उम्मीदवारों के नाम भी जल्द सामने आएंगे। ऐसे में अब राजनीतिक नजरें पार्टी की दूसरी सूची पर टिकी हैं।
भाजपा-कांग्रेस के बीच तीसरा विकल्प बनने की चुनौती
उत्तराखंड क्रांति दल का गठन राज्य आंदोलन की पृष्ठभूमि में हुआ था। ऐसे में पार्टी के सामने एक बार फिर उत्तराखंड से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों को चुनाव के केंद्र में लाने की चुनौती है। 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना UKD के लिए अहम होगा। पहली सूची में पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों को शामिल कर पार्टी ने प्रदेशभर में चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। हालांकि, चुनाव में इसका कितना फायदा मिलता है, यह उम्मीदवारों के क्षेत्रीय प्रभाव, संगठन की सक्रियता और जनता के समर्थन पर निर्भर करेगा।









