Home / राज्य / अमित शाह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- SIR साल 2024 में आया, लेकिन कांग्रेस तो पहले से ही चुनाव हार रही थी

अमित शाह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- SIR साल 2024 में आया, लेकिन कांग्रेस तो पहले से ही चुनाव हार रही थी

Spread the love

देशभर में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के विरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी SIR की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की चुनावी हार का सिलसिला पहले से जारी है और 2029 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा।

2029 में NDA की जीत का दावा

अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। उन्होंने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में NDA भारी बहुमत से जीत हासिल करेगा और कांग्रेस को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा। शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए भाजपा की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 104 में से 90 सीटें जीतीं। इस दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गुजरात में कांग्रेस की हार के लिए भी SIR को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

बैलेट पेपर वाले चुनावों पर भी बोले शाह

त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनावों का हवाला देते हुए अमित शाह ने कहा कि वहां NDA को करीब 77.5 प्रतिशत वोट मिले। उन्होंने दावा किया कि करीब 4,600 सीटों में कांग्रेस केवल 14 सीटें जीत सकी। शाह ने कहा कि जब चुनाव बैलेट पेपर से हुए, तो हार के लिए EVM को जिम्मेदार ठहराने का तर्क कैसे दिया जा सकता है। अमित शाह ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के उपचुनावों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस इन चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन का भी जिक्र किया और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए।

SIR पर विपक्ष का विरोध जारी

SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं ने कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किए हैं। विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

6 अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला था। 8 अक्टूबर को राजघाट पर मौन प्रदर्शन हुआ, जबकि 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ा। 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर SIR में कथित अनियमितताओं की जांच और प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग उठाई। SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। अमित शाह ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं, जबकि विपक्ष मतदाता सूची की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहा है।

Tagged: