रुद्रपुर में ₹369.66 करोड़ की कृषि व विकास योजनाओं की सौगात, केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणाएं
रुद्रपुर (उधम सिंह नगर)। उत्तराखंड में कृषि क्रांति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए जनपद के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘खेत बचाओ अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का नेतृत्व मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। कृषि विभाग द्वारा आयोजित इस राज्य स्तरीय समारोह में क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए कुल ₹369.66 करोड़ की लागत वाली 41 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।
इस अवसर पर किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण, फसलों की सुरक्षा और बागवानी (हॉर्टिकल्चर) को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कई युगांतरकारी घोषणाएं की गईं, जो आने वाले समय में उत्तराखंड को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में एक वैश्विक पहचान दिलाएंगी।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ भव्य स्वागत
समारोह की शुरुआत केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश के कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी एवं परिवहन व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री प्रदीप बत्रा द्वारा संयुक्त रूप से पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। गांधी मैदान में उपस्थित हजारों किसानों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता ने केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री का पारंपरिक वाद्य यंत्रों और पुष्पगुच्छ देकर भव्य स्वागत किया।
विकास योजनाओं का विवरण: लोकार्पण एवं शिलान्यास
उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम के मंच से ₹369.66 करोड़ की योजनाओं की डिजिटल पट्टिका का अनावरण किया गया। इसका मुख्य विवरण इस प्रकार है:

लोकार्पण: कुल ₹46.32 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए 9 महत्वपूर्ण विकास कार्यों को जनता को समर्पित किया गया।
शिलान्यास: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखने के लिए ₹323.34 करोड़ की अनुमानित लागत वाले 32 नए विकास कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया।
ये योजनाएं मुख्य रूप से ग्रामीण सड़कों, सिंचाई नहरों, कृषि गोदामों, शीत गृहों (कोल्ड स्टोरेज) और जल संरक्षण प्रणालियों से संबंधित हैं, जिससे राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के किसानों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री का संबोधन: “धरती माता की रक्षा हमारा परम दायित्व”
समारोह में उपस्थित विशाल किसान जनसमूह को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बेहद भावुक और वैचारिक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा:
“जब हमारे खेत बचेंगे तो हमारी जमीन बचेगी; जब जमीन बचेगी तो हमारी पृथ्वी सुरक्षित रहेगी और जब पृथ्वी सुरक्षित रहेगी तभी मानव जीवन का अस्तित्व सुरक्षित रह पाएगा। भूमि केवल कृषि उत्पादन प्राप्त करने का कोई भौतिक माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी साक्षात धरती माता है। इसका स्वास्थ्य और उर्वरा शक्ति को बनाए रखना हम सभी का परम दायित्व है।”
केंद्रीय मंत्री ने किसानों से रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग को छोड़कर वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित मृदा परीक्षण (सॉइल टेस्टिंग) के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग करने, मृदा संरक्षण की दिशा में कदम उठाने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने का पुरजोर आह्वान किया।
“प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत रच रहा है नए कीर्तिमान”
श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत चावल उत्पादन के मामले में वैश्विक पटल पर प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। कृषि क्षेत्र निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने स्वयं के संदर्भ में बात करते हुए कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री का पद कोई सत्ता का पद नहीं है, बल्कि यह ‘किसानों के प्रथम सेवक’ का दायित्व है। किसानों की निस्वार्थ सेवा करना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता और ईश्वर की सच्ची पूजा है।
जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती: उत्तराखंड बनेगा ‘हॉर्टिकल्चर हब’
जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) को वर्तमान समय की सबसे गंभीर वैश्विक चुनौतियों में से एक बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में भारत हर कृषि संबंधी चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति और जलवायु कृषि एवं बागवानी के लिए अत्यंत अनुकूल है। राज्य बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और निकट भविष्य में यह देश के एक प्रमुख ‘हॉर्टिकल्चर हब’ के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा। इस संकल्प को पूरा करने के लिए भारत सरकार उत्तराखंड को हरसंभव तकनीकी और वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी।
किसानों के लिए केंद्रीय मंत्री द्वारा की गई बड़ी घोषणाएं एवं बजट आवंटन
उत्तराखंड के बागवानों, नर्सरी संचालकों और पारंपरिक किसानों को आत्मनिर्भर व सुरक्षित बनाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कई बड़े वित्तीय पैकेजों और बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की घोषणा की, जो इस प्रकार हैं:
मुक्तेश्वर में क्लीन प्लांट सेंटर की स्थापना: सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले तथा वायरस-मुक्त फलदार पौधों के बड़े पैमाने पर उत्पादन हेतु ₹100 करोड़ की भारी लागत से एक अत्याधुनिक क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा।
चौबटिया (अल्मोड़ा) में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: बागवानी फसलों के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और किसानों के प्रशिक्षण के लिए ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण किया जाएगा।
न्यूजीलैंड के सहयोग से कीवी उत्पादन: उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाने और कीवी की उच्च तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए न्यूजीलैंड के कृषि विशेषज्ञों के तकनीकी सहयोग से ₹15 करोड़ की एक विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा (फेंसिंग प्रोजेक्ट): पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में जंगली जानवरों (जैसे सुअर, बंदर आदि) द्वारा फसलों को पहुंचाए जाने वाले नुकसान को रोकने के लिए खेतों की घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन नेटवर्क की स्वीकृति: पूरे राज्य में आधुनिक और स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ का बजट स्वीकृत किया जा रहा है, जिससे किसानों को पल-पल बदलते मौसम का सटीक पूर्वानुमान समय पर मिल सकेगा।
नर्सरी स्थापना के लिए बंपर सब्सिडी सहायता: राज्य में बड़े पैमाने पर आधुनिक नर्सरी स्थापित करने वाले उद्यमियों अथवा प्रगतिशील किसानों को ₹4 करोड़ तक की और छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹2 करोड़ तक की विशेष वित्तीय सहायता केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम पूर्वानुमान पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने स्वचालित मौसम केंद्रों (ऑटोमैटिक वेदर स्टेशनों) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ₹104 करोड़ की इस योजना से न केवल किसानों को समय रहते आंधी, भारी बारिश या ओलावृष्टि की सटीक चेतावनी मिलेगी, बल्कि इससे ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत दावों के निपटारे में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने राज्य के शत-प्रतिशत किसानों से इस बीमा योजना से जुड़ने की अपील की ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें किसी भी वित्तीय नुकसान का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वक्तव्य: “स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी, सशक्त उत्तराखंड”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि “स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और एक पारदर्शी, आधुनिक कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत के साथ-साथ हमारे ‘विकसित उत्तराखंड’ की सबसे मजबूत नींव है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘खेत बचाओ अभियान’ महज कोई औपचारिक सरकारी कार्यक्रम या प्रशासनिक कवायद नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य को सुनिश्चित करने का एक जनआंदोलन है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश के कृषि परिदृश्य को बदलने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। आज ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-KISAN), ‘प्राकृतिक खेती मिशन’, ‘कृषि अवसंरचना कोष’ (AIF) और ‘डिजिटल कृषि मिशन’ जैसी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ राज्य के सीमांत पर्वतीय किसानों तक बिना किसी बिचौलिए के पहुंच रहा है।
मिट्टी के बिगड़ते स्वास्थ्य पर चिंता और वैज्ञानिक सलाह
मुख्यमंत्री ने भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों पर बात करते हुए कहा कि倾 किसान हमारी अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं। यदि हमारी मिट्टी का स्वास्थ्य खराब होगा, तो फसलों का उत्पादन तो घटेगा ही, साथ ही दूषित अनाज के कारण मानव स्वास्थ्य पर भी इसके गंभीर और जानलेवा प्रभाव पड़ेंगे। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे अपनी जमीनों का नियमित रूप से मृदा परीक्षण कराएं और प्रयोगशाला से प्राप्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) की वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही रासायनिक खादों का प्रयोग करें।

राज्य सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही महत्वपूर्ण सुविधाएं
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न ऐतिहासिक और रियायती योजनाओं का ब्यौरा भी साझा किया:
ब्याजमुक्त कृषि ऋण: राज्य सरकार द्वारा किसानों को बिना किसी ब्याज के ₹3 लाख तक का कृषि ऋण (इंटरेस्ट-फ्री लोन) उपलब्ध कराया जा रहा है।
निःशुल्क सिंचाई: प्रदेश के मैदानी और घाटी क्षेत्रों में सरकारी नहरों के माध्यम से की जाने वाली सिंचाई की सुविधा को पूरी तरह से मुफ्त कर दिया गया है।
कृषि यंत्रों पर भारी छूट: ‘फार्म मशीनरी बैंक योजना’ के अंतर्गत आधुनिक कृषि उपकरणों की खरीद पर किसानों को 80 प्रतिशत तक का भारी अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है।
रेनफेड फार्मिंग परियोजना: राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में जहां सिंचाई के साधन उपलब्ध नहीं हैं और खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर है, वहां कृषि को मजबूत बनाने के लिए विशेष ‘रेनफेड फार्मिंग परियोजना’ को मंजूरी दी गई है।
आधुनिक बुनियादी ढांचा: फलों और सब्जियों की बर्बादी को रोकने के लिए राज्य में पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड链 चैन, सीए (कंट्रोल्ड एटमॉस्फेयर) स्टोरेज तथा मेगा फूड पार्कों का तेजी से नेटवर्क बिछाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार योजनाएं और बजटीय संसाधन तो दे सकती है, परंतु धरातल पर स्थायी बदलाव तभी आएगा जब देश का अन्नदाता इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने सभी किसानों को अपनी माटी की रक्षा करने और प्राकृतिक कृषि अपनाने का संकल्प दिलाया।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने उठाई किसानों की मांगें
समारोह के स्वागत भाषण में प्रदेश के कृषि एवं उद्यान मंत्री श्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उत्तराखंड की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए घेरबाड़ हेतु ₹65 करोड़ और जैविक खेती के संवर्धन के लिए ₹10 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग को पुरजोर तरीके से मंच पर रखा, जिसे केंद्रीय मंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। इसके साथ ही कृषि मंत्री जोशी ने उत्तराखंड के पारंपरिक और पोषक मोटे अनाजों जैसे— मंडुवा (रागी) और झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित करने का विशेष अनुरोध भी केंद्र सरकार से किया।
कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक महा-समारोह में क्षेत्र के कई वरिष्ठ राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
सांसद व विधायक: सांसद श्री अजय भट्ट, स्थानीय विधायक श्री शिव अरोरा, श्री त्रिलोक सिंह चीमा, श्री बंशीधर भगत।
स्थानीय निकाय प्रमुख: जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अजय मौर्य, मेयर श्री विकास शर्मा, श्री दीपक बाली।
वरिष्ठ अधिकारी: सचिव डॉ. एस.एन. पांडे, जिलाधिकारी (DM) श्री नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी (ADM) श्री कौस्तुभ मिश्रा एवं श्री पंकज उपाध्याय समेत अनेक जनप्रतिनिधि एवं हजारों की संख्या में प्रगतिशील कृषक मौजूद रहे।
यह भव्य आयोजन उत्तराखंड के कृषि इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जहां एक ही मंच से इतनी बड़ी विकास योजनाओं और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का मार्ग प्रशस्त किया गया है।








