गंगटोक से झंडी दिखाकर वाहनों को किया गया रवाना; खाद्य सामग्री, दवाइयां और विशेषज्ञ राहत टीम सीमा पार की गई तैनात
नेपाल में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मची भारी तबाही के बीच पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम खुलकर मदद के लिए आगे आया है। पड़ोसी देश में पैदा हुए गहरे मानवीय संकट के बीच सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) ने एक विशेष राहत अभियान की शुरुआत की है। राज्य सरकार और सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) के साझा सहयोग से ‘सिक्किम फॉर नेपाल’ (Sikkim for Nepal) नाम से एक विशेष मानवीय सहायता मिशन लॉन्च किया गया है।
इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री तमांग ने गंगटोक से राहत सामग्री से भरे वाहनों और विशेष स्वयंसेवी दस्तों के काफिले को हरी झंडी दिखाकर नेपाल के आपदा प्रभावित इलाकों के लिए रवाना किया। नेपाल के भोटेकोशी नदी क्षेत्र, रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन के चलते बुनियादी ढांचे और जन-जीवन को भीषण नुकसान पहुंचा है। ऐसे समय में सिक्किम की यह त्वरित पहल आपदा पीड़ितों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
राहत पैकेज में जरूरी खाद्य पदार्थ, आपातकालीन दवाएं और तिरपाल शामिल
नेपाल भेजे गए शुरुआती राहत पैकेज में पीड़ितों की बुनियादी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है। काफिले में बड़ी मात्रा में सूखा राशन, पीने का साफ पानी, पैकेज्ड फूड, आपातकालीन दवाएं, फर्स्ट-एड किट्स, तिरपाल, कंबल और स्वच्छता उत्पाद भेजे गए हैं। इसके साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए कुशल स्वयंसेवकों और चिकित्सा कर्मियों की एक टीम भी रवाना की गई है जो जमीनी स्तर पर सेवाएं प्रदान करेगी।
सिक्किम सरकार ने इससे पूर्व नेपाल में फंसे अपने राज्य के नागरिकों की सुरक्षा और खोजबीन के लिए एक विशेष टॉस्क फोर्स का गठन भी किया था और समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे।
“नेपाल का दुख हमारा अपना दुख”: मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग
राहत दल को रवाना करते हुए मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने अपने संबोधन में दोनों क्षेत्रों के बीच गहरे संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सिक्किम और नेपाल के बीच सिर्फ भौगोलिक सीमा का जुड़ाव नहीं है, बल्कि दोनों के बीच सदियों पुराना सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भावनात्मक रिश्ता है। उन्होंने कहा कि जब भी नेपाल पर कोई आपदा या संकट आता है, तो उसकी पीड़ा सिक्किम के हर नागरिक के दिल में महसूस होती है।
सीएम तमांग ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने आश्वासन दिया कि संकट की इस घड़ी में सिक्किम नेपाल के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और आगे भी जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराता रहेगा।
पड़ोसी का फर्ज: नेपाल में बाढ़ के बीच सिक्किम का मानवीय हाथ, ‘सिक्किम फॉर नेपाल’ अभियान के तहत राहत सामग्री रवाना









