कोड़ियाला में पत्नी और मासूम बेटी के सामने गंगा के तेज बहाव में बहे गाजियाबाद के सॉफ्टवेयर इंजीनियर आशीष जैन का शव पुलिस और SDRF की टीम ने कड़े सर्च ऑपरेशन के बाद शिवपुरी क्षेत्र से बरामद कर लिया है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी कीं और शव को रोते-बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
बता दे कि तस्वीरें खिंचवाने की एक छोटी सी चूक ने हंसते-खेलते परिवार को उम्र भर का मातम दे दिया है।
ऋषिकेश पहुंचे बूढ़े पिता अपने जवान बेटे की लाश देखकर सुध-बुध खो बैठे, जिससे मौके पर मौजूद हर आंख नम हो गई।
बछेली खाल चौकी प्रभारी दीपक लिंगवाल और एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण ने बताया कि 6 जून को आशीष जैन के गंगा में बहने की घटना के बाद सर्च ऑपरेशन दिन-रात चलाया गया। फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के बाद SDRF और स्थानीय प्रशासन बेहद सख्त रुख में है।
पुलिस ने पर्यटकों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पहाड़ों में गंगा का वेग मैदानी इलाकों से हजार गुना तेज और खतरनाक है। यहां पानी में उतरना या किनारों पर स्टंट करना ठीक नही है।
गंगा की लहरों में मौजूद पत्थरों पर जबरदस्त फिसलन है जहां एक छोटा सा असंतुलन सीधे मौत के मुंह में ले जाता है।










