पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पाकिस्तान के लाहौर में होने वाले विश्व पंजाबी सम्मेलन में शामिल होने का न्योता मिला है। पाकिस्तानी पंजाबी कवि बाबा बशीर हुसैन नजमी ने उन्हें 27 नवंबर को आयोजित होने वाले सम्मेलन में आने के लिए आमंत्रित किया है। इस न्योते पर प्रतिक्रिया देते हुए भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर तंज कसा।
केंद्र की मंजूरी पर निर्भर करेगा दौरा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने आमंत्रित करने वाले से कहा, ‘मुझे तो केंद्र वाले यूरोप की तरफ भी नहीं जाने देते, तो पाकिस्तान कैसे जाने देंगे?’ उन्होंने संकेत दिया कि पाकिस्तान जाने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति जरूरी होगी। मान ने कहा कि मंजूरी मिलती है तो वह पाकिस्तान जाना चाहेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि भारत के पंजाबी लेखक और कवि भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए पाकिस्तान जा सकेंगे।
करतारपुर और ननकाना साहिब जाने की इच्छा
भगवंत मान ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने की इच्छा जताई, ताकि पंजाब विधानसभा के सभी सदस्य, विपक्ष के नेताओं समेत, एक साथ गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन कर सकें। उन्होंने ननकाना साहिब जाने की इच्छा भी जाहिर की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने मुख्यमंत्री से प्रयास करने और अनुमति मिलने पर सभी सदस्यों को साथ ले जाने की बात कही। करतारपुर कॉरिडोर पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब से जोड़ता है।
फ्रांस यात्रा को लेकर भी हुआ था विवाद
इससे पहले भगवंत मान की फ्रांस यात्रा को लेकर भी विवाद सामने आया था। रिपोर्टों के मुताबिक, केंद्र से अनुमति नहीं मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने हाई कोर्ट का रुख किया था और अनुमति मिलने पर फ्रांस गए थे। वापसी के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर जांच के लिए रोके जाने को लेकर मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी ने विरोध जताया था। फिलहाल, पाकिस्तान यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से इच्छा जताई गई है, लेकिन उनका दौरा केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।









