गैंगटोक / डेस्क न्यूज:
सिक्किम में आज एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक निर्माणाधीन टनल (सुरंग) परियोजना के दौरान पहाड़ का हिस्सा धंस गया। इस भीषण दुर्घटना में सुरंग के भीतर काम कर रहे कम से कम 10 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं। मलबे के साथ-साथ सुरंग के भीतर जहरीली गैस के रिसाव के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जानिए इस हादसे से जुड़ी हर एक महत्वपूर्ण जानकारी, कैसे हुआ यह हादसा, वर्तमान स्थिति और राहत-बचाव दल का ताजा अपडेट।
- कैसे और कब हुआ यह हादसा?
यह दुर्घटना आज तड़के सिक्किम के राष्ट्रीय राजमार्ग/रेलवे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत बन रही एक निर्माणाधीन सुरंग के पास हुई।
पहाड़ का खिसकना: क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण सुरंग के ऊपर की चट्टानें और मिट्टी अस्थिर हो गई थीं।
अचानक लैंडस्लाइड: काम के दौरान अचानक एक बड़ा भूस्खलन (Landslide) हुआ और सुरंग का एक हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
गैस रिसाव: सुरंग ढहने के तुरंत बाद अंदर बिछी गैस लाइनों और ड्रिलिंग उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने से जहरीली मीथेन व कार्बन डाईऑक्साइड जैसी गैसों का रिसाव शुरू हो गया, जिसने स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया। - हताहतों का आंकड़ा: मौतें, घायल और फंसे हुए लोग
हादसे के समय सुरंग के अंदर 20 से अधिक मजदूर और तकनीकी कर्मचारी तैनात थे।
मौतें: अब तक 10 श्रमिकों के शव मलबे और सुरंग के अंदर से बरामद किए जा चुके हैं।
घायल: हादसे में 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से पास के जिला अस्पताल और गंगटोक के केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
अभी भी फंसे लोग: आशंका जताई जा रही है कि 3 से 5 मजदूर अभी भी सुरंग के अंदर मलबे या अंदरूनी हिस्से में फंसे हो सकते हैं। - क्या स्थिति अब नियंत्रण में है या अभी भी खतरा है?
वर्तमान स्थिति: ‘गंभीर लेकिन नियंत्रण की कोशिश जारी’
स्थिति को पूरी तरह संभाला नहीं जा सका है, हालांकि बचाव अभियान पूरी ताकत के साथ जारी है:
गैस का खतरा: सुरंग के भीतर गैस रिसाव के कारण ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम है। बिना स्पेशल ब्रीथिंग एपरेटस (ऑक्सीजन मास्क) के अंदर जाना बेहद जोखिम भरा बना हुआ है।
लगातार गिरता मलबा: ऊपर से रुक-रुक कर गिर रहे पत्थरों और मलबे के कारण एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को बार-बार काम रोकना पड़ रहा है।
मशीनरी का उपयोग: सुरंग से मलबा हटाने के लिए हैवी अर्थमूविंग मशीनें (JCB और एक्सकेवेटर) तैनात की गई हैं, लेकिन संकरे रास्ते और गैस के कारण गति धीमी है। - राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) का अपडेट
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, सेना (Indian Army), एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
ऑक्सीजन पंपिंग: फंसे हुए लोगों तक सांस लेने के लिए पाइप के जरिए लगातार ताजा हवा और ऑक्सीजन सप्लाई करने का प्रयास किया जा रहा है।
ड्रोन और थर्मल कैमरों की मदद: मलबे के नीचे दबे लोगों की लोकेशन ट्रैक करने के लिए थर्मल इमेजिंग कैमरों और स्पेशल सेंसर्स का सहारा लिया जा रहा है।
हेल्पलाइन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स: राज्य प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं। - प्रशासन और सरकार का रुख
राज्य के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश: मुख्यमंत्री ने घटना की त्वरित जांच के आदेश दिए हैं कि क्या सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) में कोई लापरवाही बरती गई थी।
मुआवजे का ऐलान: राज्य सरकार और निर्माण कंपनी की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की गई है।
संपादकीय नोट / लाइव अपडेट: रेस्क्यू टीम लगातार फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में जुटी है। जैसे ही सुरंग के अंदर से कोई नया अपडेट आएगा, इस खबर को तुरंत अपडेट किया जाएगा। हमारे साथ बने रहें।









