Himachal politics: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में पुनः आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। शुक्रवार को मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे भ्रष्टाचार में लिप्त बताया है। बीजेपी ने सरकार के खिलाफ 8 से 11 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में व्यापक धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा शुक्रवार को की है।
बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने सरकार पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने, जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ाने और पंचायत चुनावों को जानबूझकर टालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां पूरी तरह जनविरोधी हैं और इसका विरोध सड़क से लेकर सदन तक किया जाएगा।
‘CM ऑफिस बना भ्रष्टाचार का केंद्र’, बोले शर्मा
रणधीर शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान‘चेस्टर हिल प्रोजेक्ट’ से जुड़े विवाद का हवाला देते हुए कहा कि अधिकारियों के बीच ही भ्रष्टाचार के आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है।
आगे उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुके हैं। उनके अनुसार, ट्रेजरी बंद होने के बावजूद भुगतान में अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
मुख्य सचिव की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बीजेपी ने खड़े किये सवाल
बीजेपी ने आगे प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा विधानसभा परिसर में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘अभूतपूर्व’ और ‘चिंताजनक’ करार दिया। शर्मा ने कहा कि तीन पूर्व मुख्य सचिवों का नाम सार्वजनिक रूप से लेना प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ है और इससे जनता में भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए, क्योंकि राज्य पुलिस के स्तर पर निष्पक्ष जांच संभव नहीं है।









