गांधीनगर/अहमदाबाद:
केंद्रीय गृह मंत्री और गांधीनगर से सांसद अमित शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले बोपल, घुमा, आंबली और शेला (Bopal-Ghuma-Ambli-Shela) इलाकों का दौरा कर पिछले दिनों भारी मानसूनी बारिश के कारण हुए जलभराव से प्रभावित स्थानीय नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि जलभराव की इस पुरानी और गंभीर समस्या का स्थायी समाधान बहुत जल्द निकाल लिया जाएगा। शाह ने जनता को आश्वस्त किया कि अगली बार जब वे वोट मांगने आएंगे, तब तक इस पूरे क्षेत्र को जलभराव मुक्त कर दिया जाएगा और भविष्य में 30 इंच तक की भारी बारिश होने पर भी इन इलाकों में पानी नहीं भरेगा।
जुलाई की मूसलाधार बारिश से बेहाल हुए थे नए पश्चिमी इलाके
पिछले कुछ हफ्तों में गुजरात के कई हिस्सों में हुई मूसलाधार बारिश ने अहमदाबाद के पश्चिमी और नव-विकसित इलाकों की पोल खोल दी थी। बोपल, शेला और आंबली जैसे पॉश और तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी क्षेत्रों में मुख्य सड़कों से लेकर सोसाइटियों के बेसमेंट तक में पानी भर गया था। जल निकासी (ड्रेनेज) प्रणाली फेल होने के कारण लोगों को कई दिनों तक भारी ट्रैफिक जाम, बिजली कटौती और घरों में पानी घुसने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और नागरिकों ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी।
स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद और अधिकारियों को सख्त निर्देश
नागरिकों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सीधे मैदान में उतरकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। स्थानीय लोगों और सोसाइटियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन, अहमदाबाद महानगरपालिका (AMC) और अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (AUDA) के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। शाह ने अधिकारियों से कहा कि इन इलाकों में बरसाती पानी की निकासी के लिए क्षमता से अधिक बड़े स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाए जाएं और पंपिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाए।
“30 इंच बारिश में भी नहीं भरेगा पानी”
नागरिकों को आश्वस्त करते हुए अमित शाह ने कहा कि सरकार सिर्फ कागजी दावे करने में विश्वास नहीं रखती, बल्कि समस्या की जड़ तक जाकर उसका पक्का इलाज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में ऐसा मजबूत ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, जिससे अगर भविष्य में 30 इंच तक की मूसलाधार बारिश भी हो, तब भी एक बूंद पानी सड़कों पर नहीं टिकेगा।
विकास के साथ बुनियादी ढांचे की मजबूती पर जोर
तेजी से हो रहे शहरीकरण के चलते इन क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में ऊंची इमारतें और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बने हैं, जिसके कारण प्राकृतिक जल प्रवाह के रास्ते बंद हो गए हैं। गृह मंत्री के इस दौरे और सख्त निर्देशों के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि नगर निकाय इन इलाकों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू करेंगे, जिससे आगामी मानसून सत्र में स्थानीय लोगों को जलभराव की समस्या से स्थाई मुक्ति मिल सके।
“अगली बार वोट मांगने से पले जलभराव का नामोनिशान नहीं होगा”: गांधीनगर में अमित शाह का बड़ा वादा, बोपल-शेला में बारिश से बिगड़े हालातों का लिया जायजा









