उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए तीखे राजनीतिक हमले बोले। सलेमपुर और भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगभग 305 करोड़ रुपये लागत की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के पिछले शासनकाल की नीतियों की जमकर आलोचना की।
वर्ष 2017 से पहले का दौर: विकास, सुरक्षा और सम्मान का अभाव
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश के हालातों का ब्योरा सामने रखा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले राज्य में न तो बुनियादी ढांचागत विकास दिखाई देता था, न ही आम जनता, व्यापारियों व बेटियों को सुरक्षा हासिल थी।
मुख्यमंत्री का कहना था कि उस समय प्रदेश की छवि अत्यंत खराब हो चुकी थी, जहां बुनियादी जनसुविधाओं जैसे पक्के मकान, शौचालय, निर्बाध बिजली आपूर्ति, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सड़कों का अकाल था। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थान नकल के केंद्र बन गए थे और कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होकर माफिया राज के साए में आ चुकी थी।
JPNIC परियोजना को लेकर वित्तीय अनियमितता के आरोप
भाषण के मुख्य केंद्र बिंदु के रूप में मुख्यमंत्री ने राजधानी लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (JPNIC) की विशाल परियोजना में कथित वित्तीय गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया।
बजट में बढ़ोतरी: उन्होंने दावा किया कि JPNIC का प्रारंभिक खाका महज 200 करोड़ रुपये के आसपास तैयार किया गया था, जिसे सपा सरकार के दौरान बढ़ाकर लगभग 864 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया गया।
अधूरी निर्माण स्थिति: करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद प्रोजेक्ट को पूरा नहीं छोड़ा गया।
निजी हाथों में सौंपने की योजना का दावा: मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकारी खजाने के पैसों से तैयार इस भव्य परिसर को सपा शासनकाल के दौरान निजी संस्थाओं के सुपुर्द करने की मंशा रखी गई थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में सत्ता परिवर्तन के पश्चात उनकी सरकार ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के माध्यम से जांच बैठाकर सरकारी धन की बंदरबांट को रोकने और खजाने के संरक्षण हेतु वैधानिक कदम उठाए।
पूर्वांचल में स्वास्थ्य सुधार और रोजगार का वादा
विपक्ष पर निशाना साधने के साथ ही मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल के जिलों—देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज आदि—में अतीत में जापानी एन्सेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) से हुए भारी नुकसान का जिक्र किया और कहा कि पुरानी सरकारों की अनदेखी के चलते हजारों बच्चों की जानें गईं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर इस बीमारी पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया है।
इसके साथ ही उन्होंने युवाओं के लिए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष शासन प्रणाली के जरिए आगामी समय में पुलिस व अन्य विभागों में बड़े पैमाने पर पारदर्शी नियुक्तियां प्रदान करने का भरोसा जताया।
देवरिया दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समाजवादी पार्टी पर बड़ा हमला: JPNIC प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप








