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भारत बॉर्डर के पास बांग्लादेश की नई चाल: ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर से बढ़ा जासूसी का खतरा, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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नई दिल्ली / अगरतला: भारत-बांग्लादेश सीमा पर बदलती सुरक्षा स्थितियों के बीच एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। बांग्लादेश की सेना ने भारतीय सीमा के बेहद करीब एक नया ‘ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल’ और उन्नत हवाई निगरानी केंद्र स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से बेहद कम दूरी पर इस तरह के सैन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण ने भारतीय रक्षा विशेषज्ञों और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस केंद्र का इस्तेमाल भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और सीमावर्ती सुरक्षा ढांचों की निगरानी व जासूसी के लिए किया जा सकता है।
भारतीय सीमा के पास कहाँ और क्यों बना यह सेंटर?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांग्लादेशी सेना द्वारा यह आधुनिक ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर चटगांव (Chittagong) और सिलहट (Sylhet) के सीमावर्ती क्षेत्रों के पास स्थापित किया गया है, जो भारत के त्रिपुरा, असम और मेघालय राज्यों से सटा हुआ है।
इस केंद्र में मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) और निगरानी ड्रोनों के संचालन के लिए कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। हालांकि, बांग्लादेशी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि यह ढांचा अपनी सीमा की सुरक्षा, तस्करी रोकने और आपदा प्रबंधन के लिए बनाया गया है, लेकिन सीमा के इतने करीब उच्च स्तरीय निगरानी तकनीक की तैनाती ने रणनीतिक चिंताएं बढ़ा दी हैं।
भारत के लिए क्यों बनी चिंता की वजह?
भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञों और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों के अनुसार, इस ड्रोन सेंटर से भारत को कई स्तरों पर सतर्क रहने की जरूरत है:
चिकन नेक और पूर्वोत्तर की सुरक्षा: पूर्वोत्तर भारत (North-East) को मुख्य भारत से जोड़ने वाला सिलिगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) और सीमावर्ती सैन्य ठिकाने बेहद संवेदनशील हैं। ड्रोन के जरिए इन इलाकों की तस्वीरें और गतिविधियां ट्रैक की जा सकती हैं।
चीन और पाकिस्तान का संभावित एंगल: बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद चीन और पाकिस्तान के प्रभाव में बढ़ोतरी देखी गई है। रक्षा जानकारों का मानना है कि बांग्लादेश के पास मौजूद एडवांस ड्रोन और सर्विलांस तकनीक में विदेशी तत्वों का सहयोग हो सकता है, जिसका इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सीमा पर तस्करी और घुसपैठ: ड्रोन तकनीक का गलत हाथों में जाना अवैध घुसपैठ, हथियार और ड्रग्स की तस्करी को भी बढ़ावा दे सकता है, जो पहले से ही भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर एक बड़ी चुनौती रही है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया और तैयारी
बांग्लादेश की इस गतिविधि को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बल और भारतीय थल सेना (Indian Army) पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपनी चौकसी और गश्त बढ़ा दी है।
इसके अलावा, भारतीय पक्ष द्वारा सीमावर्ती इलाकों में एंटी-ड्रोन सिस्टम (Anti-Drone Technology) और रडार सर्विलांस को मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी अनधिकृत बांग्लादेशी या अज्ञात ड्रोन के भारतीय वायुसीमा में प्रवेश करते ही उसे तुरंत निष्प्रभावी किया जा सके। भारतीय विदेश और रक्षा मंत्रालय इस पूरे घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए हैं।