प्रतिभा सिंह नई दिल्ली 2026, 8 अप्रैल
आम आदमी पार्टी ने एमसीडी की स्थायी समिति को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही भंग करने कड़ी आपत्ति जताते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला है। एमसीडी में सह प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा ने एमसीडी में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार करने के लिए 3 माह पहले ही स्थायी समिति को भंग कर दिया है। 12 जून को समिति का कार्यकाल समाप्त हो रहा था, लेकिन भाजपा ने एक प्रस्ताव लाकर इसके कार्यकाल को 31 मार्च तक सीमित कर दिया। जबकि कुछ साल पहले भाजपा सरकार ने ही स्थायी समिति का कार्यकाल एक साल किया था और नियम बनाया था कि एक साल पहले या नई समिति के बनने से पहले इसे भंग नहीं किया जा सकता। भाजपा अब स्थायी समिति को निष्क्रिय करके पिछले दरवाजे से बड़े-बड़े प्रोजेक्ट के टेंडर पास कर भ्रष्टाचार करना चाहती है।
बुधवार को “आप” मुख्यालय पर एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा के साथ प्रेस वार्ता कर प्रवीण कुमार ने कहा कि एमसीडी में स्टैंडिंग कमेटी एक बहुत महत्वपूर्ण समिति होती है और इसकी शक्तियां सबसे ज्यादा होती हैं। काम कराने, बजट पास कराने और बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स की सारी जिम्मेदारी स्टैंडिंग कमेटी की ही होती है। लेकिन यह बहुत दुख की बात है कि भाजपा की आपसी कलह और खींचातानी के कारण दिल्ली की जनता का नुकसान हो रहा है। यह चार इंजन की सरकार है और इनके चारों इंजन आपस में ही टकरा रहे हैं, जिससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंच रहा है। इसी कारण इन्होंने आनन-फानन में एक प्रस्ताव लाकर स्टैंडिंग कमेटी का कार्यकाल सीमित कर दिया है।
प्रवीण कुमार ने कहा कि जब विधानसभा के मौजूदा स्पीकर बिजेंद्र गुप्ता स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन हुआ करते थे और आरती मेहरा मेयर थीं, तब उनके कार्यकाल के दौरान स्टैंडिंग कमेटी के लिए एक प्रस्ताव पारित हुआ था। इसमें कहा गया था कि जब तक नई स्टैंडिंग कमेटी नहीं बन जाती या कमेटी का एक साल पूरा नहीं हो जाता, तब तक उसका कार्यकाल चलता रहेगा। इसका मतलब यह है कि सदस्यों का एक साल पूरा होने से पहले या कमेटी का एक साल पूरा होने से पहले उसे भंग नहीं किया जा सकता। उन्होंने उस समय यह प्रस्ताव पारित किया था और तब से लेकर अभी तक स्टैंडिंग कमेटी इसी मॉडल पर चलती आ रही थी।
प्रवीण कुमार ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनी, तब तो भाजपा ने स्टैंडिंग कमेटी नहीं बनने दी और हम पर नाना प्रकार के आरोप लगाए कि आम आदमी पार्टी स्टैंडिंग कमेटी नहीं बनने दे रही है या इसे मजबूत नहीं होने देना चाहती। भाजपा ने हमारे ऊपर तमाम तरह के आरोप लगाए। लेकिन जब स्टैंडिंग कमेटी बन गई, तो अब भाजपा ने ही सदन में एक प्रस्ताव लाकर इसका कार्यकाल 31 मार्च तक सीमित कर दिया है। इसका मतलब है कि 31 मार्च को स्टैंडिंग कमेटी का कार्यकाल खत्म हो गया और जब तक नए पदाधिकारी चुनकर नहीं आते, तब तक कोई भी बैठक नहीं हो सकेगी।

प्रवीण कुमार ने कहा कि इसका मतलब यह है कि स्टैंडिंग कमेटी के सारे काम रुक जाएंगे। दिल्ली की एमसीडी, जो लोकतंत्र के माध्यम से चलती है, वह एक तरीके से तानाशाही में बदल जाएगी और उसे भाजपा ऊपर से ऑपरेट करेगी। पिछले समय में जिस तरह से कमिश्नर और अधिकारियों की शक्तियां बढ़ाई गईं, वह इसीलिए था ताकि स्टैंडिंग कमेटी को लाचार और कमजोर किया जा सके। अफसरों के हाथ में सीधी शक्ति देकर वे अपने मनमाने काम कराना चाहते हैं। पिछले सदन में हमने स्टैंडिंग कमेटी के भीतर बायो-माइनिंग के 650 करोड़ रुपए के घोटाले का मुद्दा उठाया था और भाजपा को घेरा था। भाजपा ऐसे ही घोटाले और भ्रष्टाचार के काम पिछले दरवाजे से करना चाहती है।
प्रवीण कुमार ने कहा कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम की धारा 68 स्पष्ट रूप से बताती है कि स्थायी समिति या वार्ड समिति तब तक कार्य करती रहेगी, जब तक कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नई समिति का गठन नहीं हो जाता। कानून में यह साफ लिखा है कि जब तक नई समिति नहीं बन जाती, तब तक पुरानी स्टैंडिंग कमेटी चलती रहेगी। लेकिन भाजपा साफ तौर पर मुकर रही है और कह रही है कि वह किसी भी तरह की बैठक नहीं करेगी। यह पूरी तरह से लोकतंत्र और संविधान की हत्या है तथा दिल्ली वालों का हक छीनने की कोशिश है। आम आदमी पार्टी इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रवीण कुमार ने कहा कि जब तक नई समिति का गठन नहीं हो जाता, स्टैंडिंग कमेटी की बैठक जल्द से जल्द बुलाई जाए। पिछली स्टैंडिंग कमेटी 12 जून 2025 को बनी थी। इसका मतलब है कि कानून के अनुसार वह अपना कार्यकाल पूरा होने तक कार्य कर सकती है, बैठकें कर सकती है और फैसले ले सकती है। वह कानून के अनुसार अपने प्रावधान पास कर सकती है। हम भाजपा से अपील करना चाहेंगे कि इस तरीके से लोकतंत्र की हत्या न करे। संविधान और कानून ने स्टैंडिंग कमेटी और उसके सदस्यों को जो शक्तियां दी हैं, वे स्थायी रहनी चाहिए और उन्हें छीना नहीं जाना चाहिए। भाजपा द्वारा की जा रही लोकतंत्र की इस हत्या को हम बिल्कुल सहन नहीं करेंगे और आम आदमी पार्टी इसके खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेगी।

वहीं, एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि एक बार फिर भाजपा ने यह साबित कर दिया है कि उनकी नीयत में ही खोट है। एमसीडी की रीढ़ की हड्डी कही जाने वाली स्टैंडिंग कमेटी, जिससे सारे बड़े कार्य होते हैं, आज उसके साथ ही भाजपा ने एक खेल खेल दिया। जो समिति 11 जून 2026 तक चलनी थी, भाजपा ने उसे 31 मार्च को ही निष्क्रिय कर दिया, क्योंकि इनकी नीयत में खोट है। तीन महीने पहले ही इस कमेटी को भंग कर दिया गया। भाजपा चाहती है कि इसे निष्क्रिय करके पीछे के दरवाजे से बड़े-बड़े टेंडर पास कराए जाएं और भ्रष्टाचार का वह खेल खेला जाए, जो भाजपा हमेशा से करती आई है।
प्रीति डोगरा ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी में बड़े फैसले लिए जाते हैं और टेंडर पास होते हैं, जिनका सीधा असर जनता के विकास कार्यों पर पड़ता है। इसलिए, यह सीधा हमला दिल्ली की जनता पर है। आज दिल्ली की जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जब भाजपा विपक्ष में थी, तब वह नियमों का हवाला देती थी और हमें नियम गिनवाती थी। आज वह भाजपा कहां है, जो अब मनमानी कर रही है?
प्रीति डोगरा ने कहा कि आज एमसीडी को सीधे बाहर से चलाया जा रहा है। अधिकारियों की शक्तियां छीन ली गई हैं और आज उनकी कोई नहीं चलती। भले ही अधिकारी बैठे हुए हैं, लेकिन बाहर से उनके आका उन्हें जो आदेश देते हैं, वे एमसीडी में वही काम करते हैं। भाजपा चाहती है कि वे इस तरीके से काम करें जिसका सीधा फायदा केवल उन्हें मिले। उनका रवैया ऐसा है कि ‘भाड़ में जाए जनता, भाड़ में जाए स्टैंडिंग कमेटी और भाड़ में जाए एमसीडी’। भाजपा सिर्फ और सिर्फ अपने लिए काम कर रही है। उन्होंने दिल्ली में सत्ता इसलिए ही हथियाई है ताकि वे अपने लोगों, अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं का फायदा कर सकें; उन्हें दिल्ली की जनता से कोई लेना-देना नहीं है।
प्रीति डोगरा ने कहा कि भाजपा ने स्टैंडिंग कमेटी को भंग करके एमसीडी एक्ट की धारा 452 का उल्लंघन किया है, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि जब तक एक वर्ष पूरा नहीं होता, स्टैंडिंग कमेटी को भंग नहीं किया जा सकता। लेकिन उन्होंने इसे तीन महीने पहले ही भंग कर दिया ताकि इसका सीधा फायदा भाजपा के नेताओं और अधिकारियों को मिले और किसी को पता भी न चले। जैसे अभी कूड़े के पहाड़ और बायो-माइनिंग को लेकर 650 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है, उसी तरह अब इन महीनों में स्टैंडिंग कमेटी को भंग रखकर, पीछे से ऐसे ही बड़े टेंडर पास कराए जाएंगे और ठेकेदारों व अधिकारियों को सीधा फायदा पहुंचाया जाएगा। इसी वजह से इन्होंने उस स्टैंडिंग कमेटी को 3 महीने पहले ही भंग कर दिया, जिसे 12 जून 2026 तक चलना था।
प्रीति डोगरा ने कहा कि हम भाजपा से मांग करते हैं कि इस स्टैंडिंग कमेटी को 12 जून 2026 तक निरंतर चलने दिया जाए और सभी सदस्यों की सदस्यता बरकरार रखी जाए, उन्हें बाहर न किया जाए। इसका सीधा असर दिल्ली की मासूम जनता पर पड़ता है, इसलिए विकास कार्य पूरी तरह से होते रहने चाहिए, उन्हें रोका न जाए। भाजपा कब तक अपने फायदे के लिए दिल्ली की जनता को इस तरह परेशान करती रहेगी? हम भाजपा से कहना चाहते हैं कि वह अपना भ्रष्टाचार का खेल बंद करे और दिल्ली में काम पर ध्यान दे। आज सिर्फ और सिर्फ भाजपा की वजह से दिल्ली का हाल बद से बदतर हो गया है।
प्रीति डोगरा ने कहा कि जब से भाजपा एमसीडी की सत्ता में आई है, तब से लगातार बड़े हादसे हो रहे हैं। कहीं नाले में गिरकर कर्मचारी की जान जा रही है, तो कहीं किसी की गाड़ी डूब रही है। सड़कों पर दो-दो किमी तक मलबा पड़ा रहता है और कोई काम नहीं हो रहा है। हम भाजपा से यह मांग करते हैं कि स्टैंडिंग कमेटी को जारी रखा जाए और सभी सदस्यों की सदस्यता को बहाल रखा जाए।









