नई दिल्ली, 31 मार्च 2026
भारत सरकार के कोयला मंत्रालय ने बिजली क्षेत्र के लिए कोयला आपूर्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रालय ने 16 मार्च 2026 को आयोजित स्टैंडिंग लिंकज कमेटी (लॉन्ग टर्म) यानी SLC (LT) की बैठक के अनुमोदित मिनट्स जारी कर दिए हैं।
यह बैठक देशभर के केंद्रीय और राज्य स्तरीय पावर प्लांट्स को कोयला लिंकज प्रदान करने के प्रस्तावों पर विचार करने और पहले से जारी लिंकज तथा लेटर ऑफ एश्योरेंस (LoA) की स्थिति की समीक्षा के उद्देश्य से बुलाई गई थी।
जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बैठक में कोयला आपूर्ति की दीर्घकालिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई कि बिजली उत्पादन में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए पावर प्लांट्स की मांग और जरूरतों का विस्तृत विश्लेषण किया गया।
बैठक में कोयला मंत्रालय के साथ ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें नीति आयोग, बिजली मंत्रालय, रेलवे बोर्ड, कोल इंडिया लिमिटेड और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड सहित अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
समीक्षा के दौरान यह भी जांचा गया कि जिन पावर प्लांट्स को पहले कोयला लिंकज या LoA दिए गए हैं, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और कहीं आपूर्ति में कोई बाधा तो नहीं आ रही। इसके अलावा, नई मांगों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी और संतुलित तरीके से कोयला आवंटन सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।
कोयला मंत्रालय के उप निदेशक मोहम्मद आफताब आलम द्वारा जारी पत्र में सभी संबंधित विभागों को बैठक के मिनट्स भेजे गए हैं, ताकि लिए गए फैसलों को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की नियमित समीक्षा बैठकों से देश में बिजली उत्पादन को स्थिर बनाए रखने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलती है। बेहतर कोयला आपूर्ति से उद्योगों और आम उपभोक्ताओं दोनों को लाभ मिलेगा।
सरकार की यह पहल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









