मुंबई:
देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी घरानों में शामिल टाटा समूह से जुड़ी एक बड़ी खबर ने भारतीय शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन द्वारा अपने कार्यकाल के विस्तार से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच पुनर्नियुक्ति की दौड़ से पीछे हटने की घोषणा के बाद, समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। इस अचानक हुए घटनाक्रम के कारण एक ही कारोबारी सत्र में टाटा ग्रुप की सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (Market Cap) में लगभग 68,119 करोड़ रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
आईटी दिग्गज टीसीएस को सबसे बड़ा झटका
बाजार में आई इस गिरावट का सबसे बड़ा असर टाटा ग्रुप की फ्लैगशिप और आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पर देखने को मिला। टीसीएस के शेयरों में लगभग 5% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे अकेले इस कंपनी के निवेशकों को 42,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा।
TCS के अलावा समूह की अन्य बड़ी कंपनियों—जैसे टाटा मोटर्स, टाइटन, टाटा स्टील, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और टाटा पावर के शेयरों में भी 2% से 4% तक की नरमी देखने को मिली।
क्यों बिगड़ा बाजार का मूड?
एन. चंद्रशेखरन वर्ष 2017 से टाटा संस की कमान संभाल रहे हैं और टाटा परिवार से बाहर के पहले ऐसे पेशेवर हैं जिन्होंने इस सर्वोच्च पद को सुशोभित किया। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त हो रहा है। हालांकि, बोर्ड स्तर पर भावी योजनाओं और नए बिजनेस वेंचर्स पर सर्वसम्मति न बनने के कारण उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अगले कार्यकाल के लिए अपना दावा पेश नहीं करेंगे।
निवेशकों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस अचानक हुए फैसले से समूह के शीर्ष नेतृत्व में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। सेमीकंडक्टर, एयरलाइंस और डिजिटल मीडिया जैसे नए और भारी निवेश वाले क्षेत्रों में चल रही बड़ी योजनाओं के भविष्य को लेकर निवेशकों में चिंता बढ़ी है।
मजबूत वित्तीय ट्रैक रिकॉर्ड के बावजूद संशय
चंद्रशेखरन के लगभग एक दशक लंबे कार्यकाल के दौरान टाटा समूह के कुल राजस्व और लाभ में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद, टाटा ट्रस्ट्स और बोर्ड के बीच नई रणनीतियों को लेकर बनी असहमति ने इस नेतृत्व परिवर्तन की राह तय की।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट बाजार की तात्कालिक प्रतिक्रिया है। जैसे ही टाटा संस द्वारा नए नेतृत्व और उत्तराधिकार योजना पर स्पष्टता दी जाएगी, बाजार में पुनः स्थिरता लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
टाटा ग्रुप में बड़े नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट: चंद्रशेखरन के फैसले से शेयर बाजार में हलचल, 68 हजार करोड़ स्वाहा








