विधानसभा सत्र से पहले बम धमकी, हाई सिक्योरिटी के बीच आज आएगा दिल्ली बजट
दिल्ली बजट 2026: ₹1 लाख करोड़ से अधिक का अनुमान, सुरक्षा कड़ी; विधानसभा को बम धमकी का ईमेल
दिल्ली विधानसभा में आज 2026–27 का बजट पेश होगा, जिसका आकार 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है। सत्र से पहले विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिलने से सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
नई दिल्ली, 24 मार्च 2026: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार आज राजधानी का वार्षिक बजट पेश करने जा रही है। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो सकता है, जो दिल्ली के विकास के लिए बड़े निवेश का संकेत देता है।
हालांकि बजट सत्र के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को एक ईमेल के जरिए विधानसभा भवन और पास के मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
“बदलेगी दिल्ली की तस्वीर” — मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनकी सरकार का दूसरा बजट है और इसका उद्देश्य राजधानी के लोगों के जीवन में ठोस सुधार लाना है। उन्होंने बजट को “विकसित दिल्ली, हरित दिल्ली” के विजन से जुड़ा बताया।
सरकार के अनुसार बजट में इन क्षेत्रों पर खास जोर रहेगा:
इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
शिक्षा क्षेत्र को मजबूती
स्वच्छता और शहरी सुविधाएँ
प्रदूषण नियंत्रण
हरित वातावरण का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष से बदलाव की शुरुआत हो चुकी है और अब राजधानी की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी का अनुमान
आर्थिक समीक्षा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025–26 में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय लगभग ₹5.31 लाख तक पहुंच सकती है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 8% अधिक है। यह राजधानी की मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री के सम्मान में प्रस्ताव पारित
सत्र के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi के लंबे कार्यकाल पर भी चर्चा हुई। कई मंत्रियों और विधायकों ने उनकी उपलब्धियों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व ने राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है। सदन में उनके सम्मान में अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया।
विपक्ष का विरोध और बहिष्कार
बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष की प्रमुख पार्टी Aam Aadmi Party ने सदन से बहिष्कार किया। पार्टी ने अपने चार विधायकों के निलंबन का विरोध करते हुए कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया।
पुरानी सरकार से जुड़ी रिपोर्टें भी पेश
सत्र के दौरान पूर्व सरकार के कार्यकाल से संबंधित कई ऑडिट और समिति रिपोर्टें सदन में रखी गईं, जिनमें प्रशासनिक कमियों और अनियमितताओं के मुद्दे उठाए गए। इन पर अलग से चर्चा होने की संभावना है।
क्यों अहम है यह बजट?
आज पेश होने वाला बजट सिर्फ खर्च का दस्तावेज नहीं, बल्कि दिल्ली के विकास मॉडल की दिशा तय करेगा।
क्या बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू होंगे?
क्या नई सामाजिक योजनाएँ आएंगी?
क्या पर्यावरण और प्रदूषण पर ठोस कदम दिखेंगे?
इन सवालों के जवाब बजट में मिल सकते हैं।









