विकास और जनकल्याण के संतुलन पर आधारित ऐतिहासिक बजट, नई योजनाओं पर जोर
दिल्ली/ 24 March 2026
GSST/ डेस्क: दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए ₹1,00,000 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। यह बजट पिछले वर्ष के अनुमान से लगभग 31.5 प्रतिशत अधिक है और संशोधित अनुमान की तुलना में करीब 44 प्रतिशत ज्यादा है। सरकार का दावा है कि यह बजट राजधानी को आधुनिक, सुरक्षित, स्वच्छ और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करता है।दिल्ली सरकार
बजट का आकार और संरचना
• कुल बजट: ₹1,00,000 करोड़
• योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं पर खर्च: ₹59,300 करोड़
• प्रशासनिक/स्थापना व्यय: ₹40,700 करोड़
• राजस्व बजट: ₹71,885 करोड़
• पूंजीगत बजट: ₹28,115 करोड़
कुल बजट का लगभग 72 प्रतिशत दैनिक सरकारी सेवाओं, वेतन, पेंशन और योजनाओं पर खर्च होगा, जबकि 28 प्रतिशत राशि दीर्घकालीन विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के निर्माण पर लगाई जाएगी।
बजट के लिए धन के स्रोत
सरकार इस बजट को विभिन्न आय स्रोतों से वित्तपोषित करेगी:
• कर राजस्व: ₹68,700 करोड़
• गैर-कर राजस्व: ₹750 करोड़
• छोटे बचत ऋण (Small Savings Loan): ₹15,000 करोड़
• केंद्रीय सड़क निधि: ₹1,000 करोड़
• केंद्र प्रायोजित योजनाएँ: ₹4,128 करोड़
• केंद्र सरकार से अनुदान: ₹7,348 करोड़
• शेष राशि पूर्व बचत और अन्य स्रोतों से
- बुनियादी ढांचा विकास
सरकार का लक्ष्य दिल्ली को बेहतर सड़क, बिजली, पानी और आधुनिक सुविधाओं से लैस शहर बनाना है।
• ट्रैफिक कम करने के लिए एक्सप्रेसवे, एलिवेटेड कॉरिडोर और स्मार्ट निगरानी प्रणाली
• दिल्ली-NCR कनेक्टिविटी सुधार के लिए विशेष परियोजनाएँ
• हजारों नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे
• सड़क और पुल सुधार के लिए ₹3,843 करोड़
• “मुख्यमंत्री विकास निधि” के लिए ₹1,400 करोड़
• झुग्गी-झोपड़ी और JJ कॉलोनियों के विकास के लिए ₹696 करोड़
• स्थानीय विकास कार्यों (सड़क, पार्क, लाइट आदि) के लिए MLA फंड ₹350 करोड़
• गरीबों के लिए सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने हेतु अटल कैंटीन योजना
- औद्योगिक विकास और निवेश
दिल्ली को उद्योग और व्यापार के लिए अधिक अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया है।
• नई औद्योगिक नीति लागू की जाएगी
• वेयरहाउसिंग नीति तैयार की जाएगी
• कारोबार के लिए सिंगल विंडो सिस्टम
• प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई
• छोटे और कुटीर उद्योगों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम
• निवेश आकर्षित करने के लिए निवेश शिखर सम्मेलन
- पानी, स्वच्छता और यमुना सफाई
इस क्षेत्र के लिए लगभग ₹9,000 करोड़ का बड़ा प्रावधान किया गया है।
• सभी नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य
• पानी के टैंकरों में GPS प्रणाली और निगरानी ऐप
• सीवर नेटवर्क और ड्रेनेज सिस्टम का सुधार
• पुराने पाइप और सीवर लाइनों का प्रतिस्थापन
• जल शोधन संयंत्रों का उन्नयन
• वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण योजनाएँ
• यमुना नदी की सफाई के लिए नए उपचार संयंत्र और आधुनिक मशीनरी
स्वास्थ्य और शिक्षा
स्वास्थ्य क्षेत्र
• नए अस्पतालों के निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे
• हजारों नए अस्पताल बेड जोड़े जाएंगे
• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार
• आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का दायरा बढ़ेगा
• डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा
शिक्षा क्षेत्र
• आधुनिक सुविधाओं वाले नए सरकारी स्कूल
• प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कार्यक्रम
• भाषा प्रयोगशालाएँ और कंप्यूटर लैब
• स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना
• मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप
• नरेला में एजुकेशन सिटी का विकास
• तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर
- पर्यटन, कला और संस्कृति
दिल्ली को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने की योजना है।
• पर्यटन क्षेत्र के लिए बजट में वृद्धि
• यमुना नदी में बोट पर्यटन
• अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन
• नए पर्यटन सर्किट का विकास
• सांस्कृतिक कार्यक्रम, उत्सव और प्रतिभा खोज योजनाएँ
- सामाजिक सुरक्षा और कल्याण
गरीब, बुजुर्ग, महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए कई योजनाएँ शामिल हैं।
• बुजुर्ग पेंशन में वृद्धि
• महिलाओं के लिए मासिक आर्थिक सहायता योजना
• दिव्यांगजनों के लिए बढ़ी हुई सहायता
• मातृत्व सहायता और पोषण कार्यक्रम
• आंगनवाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण
• ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष फंड
- सार्वजनिक परिवहन
दिल्ली के यातायात को स्वच्छ और सुगम बनाने पर जोर दिया गया है।
• हजारों नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी
• मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
• सार्वजनिक परिवहन सुधार के लिए बड़े निवेश
- सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण
हर साल होने वाली जलभराव की समस्या से निपटने के लिए योजनाएँ बनाई गई हैं।
• ड्रेनेज सिस्टम का पुनर्निर्माण
• नालों की सफाई और क्षमता बढ़ाना
• बाढ़ नियंत्रण के लिए आधुनिक मशीनें
- बिजली, पर्यावरण और हरित विकास
• 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति का लक्ष्य
• रूफटॉप सोलर योजना को बढ़ावा और सब्सिडी
• प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष फंड
• बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान
• हवा और पानी की गुणवत्ता की निगरानी प्रणाली - स्मार्ट और सुशासन
सरकार प्रशासनिक सुधार और नागरिक सेवाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है।
• आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का आधुनिकीकरण
• न्यायालयों और प्रशासनिक ढांचे का विस्तार
• अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करना
• बेरोजगार युवाओं के लिए जॉब फेयर
• असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए कल्याण बोर्ड
• शिकायत निवारण के लिए डिजिटल प्लेटफार्म
दिल्ली बजट 2025–26 का मुख्य उद्देश्य राजधानी को आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर स्वास्थ्य-शिक्षा, स्वच्छ पर्यावरण, मजबूत सामाजिक सुरक्षा और सुशासन के साथ एक विकसित शहर के रूप में स्थापित करना है।
यह बजट विकास और जनकल्याण दोनों के संतुलन पर आधारित है, जिसमें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर निवेश का प्रस्ताव रखा गया है









